स्थानीय नवाचार से आत्मनिर्भर भारत की दिशा तय होगी: धीरज रमौल
सतत विकास, स्थानीय नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को लेकर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों, समाजसेवियों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर व्यापक मंथन किया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, सामाजिक उत्थान और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।
दिल्ली
सतत विकास, स्थानीय नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को लेकर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों, समाजसेवियों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर व्यापक मंथन किया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, सामाजिक उत्थान और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।सम्मेलन में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए स्थानीय स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए जमीनी स्तर पर नए प्रयोग और सामुदायिक सहयोग बेहद जरूरी है।
पैनल चर्चा के दौरान प्रयास सोसाइटी के सचिव एवं विभा वाणी इंडिया, हिमाचल प्रदेश के समन्वयक धीरज रमौल ने कहा कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी सबसे अहम कड़ी है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार आधारित विकास मॉडल को अपनाने पर जोर देते हुए इसे भविष्य की दिशा बताया।
सम्मेलन में मौजूद अन्य विशेषज्ञों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए स्थानीय स्तर पर नवाचार, संसाधनों का संरक्षण और समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए।फोटो कैप्शन: राष्ट्रीय सम्मेलन में सतत विकास विषय पर अपने विचार रखते हुए विशेषज्ञ व समाजसेवी।