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चीनी का थोक भाव 18 फीसदी घटा, कांदा एक्सप्रेस से 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

चीनी के आयात की अनुमति और सट्टेबाजी व जमाखोरी पर सरकारी अंकुश के बाद इसकी एक्स-मिल कीमत 18 फीसदी घटकर 55 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वहीं, प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कांदा एक्सप्रेस से 800 मीट्रिक टन की पहली खेप बुधवार को दिल्ली पहुंचेगी। इस प्याज को एनसीसीएफ, नैफेड और केंद्रीय भंडार के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जाएगा।

नई दिल्ली

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि चीनी की एक्स-मिल कीमत यानी थोक भाव में 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। यह कीमत अब 55 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है और आने वाले दिनों में इसमें और कमी आने की संभावना है। हालांकि, मिल स्तर पर कीमत घटने का असर अभी खुदरा बाजार में दिखाई नहीं दिया है। सरकार ने चीनी के आयात की अनुमति देने के साथ सट्टेबाजी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए हैं।

बफर स्टॉक से भेजा जा रहा प्याज

प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए महाराष्ट्र के नासिक स्थित बफर स्टॉक से कांदा एक्सप्रेस के जरिये आपूर्ति की जा रही है। दिल्ली के बाद यह ट्रेन चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी भी जाएगी। देश में प्याज का औसत खुदरा मूल्य बढ़कर 43 से 45 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है, जबकि एक साल पहले यह करीब 27 रुपये था। इसी अवधि में इसका थोक मूल्य 21.23 रुपये से बढ़कर 35.58 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।

विक्रय केंद्रों और मोबाइल वैन से होगी बिक्री

देशभर में राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ के करीब 4,500 खुदरा विक्रय केंद्र हैं, जबकि नैफेड के दिल्ली-एनसीआर में 12 स्टोर संचालित हैं। इन केंद्रों के अलावा मोबाइल वैन और ट्रकों के माध्यम से भी रियायती दर पर प्याज बेचा जाएगा। केंद्रीय भंडार के देशभर में 114 स्टोर हैं। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में भी प्याज की आपूर्ति के लिए कांदा एक्सप्रेस चलाई गई थी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में प्याज की अनियंत्रित कीमतों पर अंकुश लगाना है।

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