सुख-आश्रय योजना ने बदली जिंदगी, सैलून से आत्मनिर्भर बने ऊना के करनदीप
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सुख-आश्रय योजना ऊना के 24 वर्षीय करनदीप के लिए आत्मनिर्भरता की राह लेकर आई है। योजना के तहत मिले सहयोग से करनदीप ने रामपुर में अपना हेयर सैलून शुरू किया है और अब वह हर महीने करीब 30 से 35 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
ऊना/रामपुर/वीरेंद्र बन्याल
दो लाख रुपये की सहायता से शुरू किया सैलून
करनदीप को मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत दो लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने रामपुर में ‘रॉयल लुक हेयर सैलून’ शुरू किया और अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बनाया।
हर महीने 30 से 35 हजार रुपये की आय
सैलून शुरू होने के बाद करनदीप की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है। वर्तमान में सैलून से उन्हें प्रतिमाह करीब 30 हजार से 35 हजार रुपये की आय हो रही है और वह स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
शिक्षा और कौशल विकास के साथ स्वरोजगार पर जोर
सुख-आश्रय योजना के तहत करनदीप को मिली सहायता की यह कहानी बताती है कि आर्थिक सहयोग के साथ कौशल और स्वरोजगार के अवसर युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद कर सकते हैं। करनदीप ने हेयर सैलून को अपनी आजीविका का जरिया बनाकर आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत की है।