Tag: Featured

  • धौलाकुआं बागवानी अनुसंधान केंद्र में धायली स्कूल का शैक्षणिक भ्रमण, विद्यार्थियों को मिला प्रशिक्षण

    धौलाकुआं बागवानी अनुसंधान केंद्र में धायली स्कूल का शैक्षणिक भ्रमण, विद्यार्थियों को मिला प्रशिक्षण

    कक्षा 6 से 8 के छात्रों ने फल-फूल, प्राकृतिक खेती और प्रवर्धन तकनीकों की जानकारी करी हासिल

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ धौला कुआं

    क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र धौलाकुआं, जिला सिरमौर में बुधवार को राजकीय उच्च विद्यालय धायली, ददाहू के कक्षा छठी से आठवीं तक के 30 विद्यार्थियों का पूर्व-व्यावसायिक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को बागवानी, कृषि और प्राकृतिक खेती से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना रहा।

    इस दौरान सह-निदेशक अनुसंधान प्रियंका ठाकुर ने विद्यार्थियों को ड्रैगन फ्रूट, लीची, रंगीन आम और किन्नू जैसे उपोष्णकटिबंधीय फलों की पहचान और उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी।

    उन्होंने फल-फूलों का दैनिक जीवन में महत्व, गेंदा और डहलिया जैसे सजावटी फूलों, हिमाचल की देशी सजावटी प्रजातियों, उनकी प्रवर्धन विधियों, फल-सब्जियों के पोषण महत्व तथा प्राकृतिक खेती की अवधारणा पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

    युवा पेशेवर सिमरन कश्यप ने विद्यार्थियों को ड्राई फ्लावर प्रयोगशाला का भ्रमण करवाया। उन्होंने सजावटी फूलों और कृषि अपशिष्ट से तैयार होने वाले मूल्य संवर्धित उत्पादों के बारे में जानकारी दी।

    साथ ही किन्नू, स्ट्रॉबेरी, अमरूद और आम जैसी फसलों के साथ शीतकालीन वार्षिक फूलों की अंतःफसल प्रणाली तथा शीतकालीन फूलों के प्रवर्धन की प्रक्रिया भी समझाई गई।

    फील्ड वर्कर बलबीर ने सेब की टंग ग्राफ्टिंग, टी-बडिंग सहित विभिन्न उपोष्णकटिबंधीय फलों की प्रवर्धन तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया। इस अवसर पर फील्ड असिस्टेंट ग्रेड-1 राकेश भी उपस्थित रहे।

    शैक्षणिक भ्रमण में विद्यालय के शिक्षक पवन कुमार, विक्रम कुमार और सचिन कुमार के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति की सदस्य कमलेश और ममता भी शामिल रहीं।

    सह-निदेशक अनुसंधान प्रियंका ठाकुर ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करते हैं और उनमें बागवानी, कृषि तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति रुचि विकसित करने में सहायक होते हैं।

  • सिरमौर में 24 घंटे में 4 सड़क हादसे, हरिपुरधार में एक की मौत, 6 घायल

    सिरमौर में 24 घंटे में 4 सड़क हादसे, हरिपुरधार में एक की मौत, 6 घायल

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    जिला सिरमौर में बीते 24 घंटे के भीतर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार सड़क हादसे सामने आए हैं। इन दुर्घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कुल छह लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस थाना संगड़ाह में दर्ज मामले के अनुसार हरिपुरधार से लौटते समय एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेतों में जा गिरी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।

    शिकायतकर्ता जगपाल सिंह निवासी मोहाली (पंजाब) ने पुलिस को बताया कि वह दोस्तों के साथ हरिपुरधार घूमने गया था। वापसी के दौरान कार चालक की लापरवाही के चलते यह दुर्घटना पेश आई। मृतक की पहचान जगपाल पुत्र राम सिंह निवासी कालका, जिला पंचकुला (हरियाणा) के रूप में हुई है।

    दूसरा हादसा पुलिस थाना श्री रेणुकाजी क्षेत्र में सामने आया। यहां एक तेज रफ्तार टिप्पर ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसमें मोटरसाइकिल सवार पिता-पुत्र घायल हो गए। शिकायतकर्ता रिंकु निवासी गांव पनार ने बताया कि टिप्पर चालक की लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई।

    तीसरा मामला पुलिस थाना पुरुवाला क्षेत्र का है। बायोवेदा कंपनी के पास गलत दिशा में तेज रफ्तार से आ रही एक मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़े कैंटर की खिड़की से टकरा गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल चालक घायल हो गया। प्रारंभिक जांच में मोटरसाइकिल चालक और कैंटर चालक दोनों की लापरवाही सामने आई है।

    चौथा मामला भी बीते 24 घंटे के भीतर दर्ज किया गया है, जिसमें वाहन दुर्घटना से जुड़ा मामला जांचाधीन है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

    जिला सिरमौर पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने हादसों की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में सावधानी बरतें, गति नियंत्रित रखें और यातायात नियमों का पालन करें।

  • बारामती विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, 16 साल पुराने चार्टर्ड प्लेन ने लैंडिंग के दौरान तोड़ा दम

    बारामती विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, 16 साल पुराने चार्टर्ड प्लेन ने लैंडिंग के दौरान तोड़ा दम

    बारामती

    महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित बारामती हवाई अड्डे पर आज सुबह एक बड़ा विमान हादसा हो गया, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया है।

    जानकारी के अनुसार, अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के वक्त रनवे पर अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में उपमुख्यमंत्री सहित विमान में मौजूद सभी पांचों व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई।

    बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना सुबह करीब 8:45 बजे हुई जब विमान मुंबई से उड़ान भरकर बारामती पहुंचा था।

    ​इस हादसे में विमान की स्थिति को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त हुआ यह चार्टर्ड प्लेन (Learjet 45) लगभग 16 वर्ष पुराना था।

    विशेषज्ञों का मानना है कि विमान की उम्र और संभावित तकनीकी खराबी इस हादसे का मुख्य कारण हो सकती है। लैंडिंग के अंतिम क्षणों में पायलट ने विमान पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद प्लेन जमीन से टकराकर आग के गोले में तब्दील हो गया।

    मलबे की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि संभवत विमान का इंजन या लैंडिंग गियर फेल हुआ होगा, जिसकी विस्तृत जांच अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की टीम करेगी।

    ​विमान में अजित पवार के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक सहायक और दो अनुभवी पायलट सवार थे। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि किसी को भी जीवित नहीं निकाला जा सका। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति का एक काला दिन बताया है। फिलहाल बारामती एयरपोर्ट को सील कर दिया गया है और विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ की तलाश की जा रही है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।

  • 29 जनवरी को बनेठी में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम, उद्योग मंत्री करेंगे अध्यक्षता:SDM

    29 जनवरी को बनेठी में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम, उद्योग मंत्री करेंगे अध्यक्षता:SDM

    नाहन

    नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बनेठी में 29 जनवरी 2026 को सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम वन विभाग के विश्राम गृह बनेठी में होगा, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश के उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान करेंगे।

    उपमंडलाधिकारी नाहन राजीव सांख्यान ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध करवाना है।

    उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में नाहन विधानसभा क्षेत्र की 11 ग्राम पंचायतों बनेठी, सैन की सैर, चाकली, क्यारी, सुरला, देवका पुड़ला, नौणी, रामाधौण, पंजाहल, नेहली धीड़ा और धगेड़ा के लोग अपनी समस्याएं और मांगें रख सकेंगे, जिनका निराकरण मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा।

    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन की ई-केवाईसी सहित कई सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से मौके पर ही प्रदान की जाएंगी, ताकि ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

    स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य जांच, एक्स-रे सुविधा, निशुल्क दवाओं का वितरण, हीमोग्लोबिन जांच, सीक्वल टेस्ट, आभा आईडी और आयुष्मान भारत कार्ड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

    इसके अलावा लोक मित्र केंद्र की सेवाएं, आय प्रमाण पत्र बनवाने और अपडेट के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

  • छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-ओच्छघाट सड़क को 200 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी, जी.आर. मुसाफिर की पैरवी लाई रंग

    छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-ओच्छघाट सड़क को 200 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी, जी.आर. मुसाफिर की पैरवी लाई रंग

    राजगढ़

    छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-ओच्छघाट सड़क के विस्तार के लिए केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद राजगढ़ क्षेत्र में खुशी की लहर है। इस सड़क परियोजना को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जी.आर. मुसाफिर द्वारा लंबे समय से लगातार पैरवी की जा रही थी।

    जानकारी के अनुसार, जी.आर. मुसाफिर ने इस सड़क को क्षेत्र की अहम जरूरत बताते हुए विभिन्न स्तरों पर मामला उठाया, जिसके चलते यह परियोजना राज्य सरकार की प्राथमिक सूची में शामिल हुई।

    इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस सड़क परियोजना को लेकर केंद्र सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखा।
    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस सड़क को सीआरआईएफ के तहत 200 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है।

    सड़क के विस्तारीकरण से राजगढ़ क्षेत्र सहित आसपास के सेब उत्पादक इलाकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क सुविधा से बागवानी उत्पादों के परिवहन के साथ-साथ स्थानीय कारोबार और आवागमन को भी मजबूती मिलेगी।

    उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी इस सड़क को लेकर घोषणाएं हुई थीं, लेकिन सैद्धांतिक स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जी.आर. मुसाफिर द्वारा वर्षों से की जा रही पैरवी अब जाकर परिणाम के रूप में सामने आई है।

    सड़क परियोजना को लेकर राजगढ़ क्षेत्र के लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह स्वीकृति क्षेत्र के विकास की दिशा में एक अहम कदम है और इससे आने वाले समय में इलाके को व्यापक लाभ मिलेगा।

  • सिरमौर में तैनात रहे बसंत किरण बाबू बने चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट

    सिरमौर में तैनात रहे बसंत किरण बाबू बने चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट

    2008 बैच के IFS अधिकारी को लेवल-14 में पदोन्नति, राज्य स्तर पर सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी

    नाहन

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2008 बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी बसंत किरण बाबू को बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी देते हुए उन्हें चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट के पद पर पदोन्नत किया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उन्हें 14वें वेतनमान में पदोन्नति दी गई है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

    बसंत किरण बाबू वर्तमान में जिला सिरमौर में कंजरवेटर के पद पर तैनात हैं और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वन संरक्षण को लेकर सख्त और परिणामकारी रणनीति अपनाई। अवैध कटान, लकड़ी तस्करी और अवैध खनन के खिलाफ चलाए गए अभियानों से जिला स्तर पर वन प्रशासन की कार्यप्रणाली को नई धार मिली।

    सरकारी आदेश के अनुसार पदोन्नति के उपरांत भी अधिकारी आगामी आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार संभालते हुए राज्य स्तरीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

    इसी अधिसूचना में 2008 बैच की IFS अधिकारी बसु कौशल को भी चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट के पद पर पदोन्नत किया गया है। दोनों अधिकारियों की पदोन्नति से प्रदेश में वन विभाग के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है।

    चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट के रूप में बसंत किरण बाबू की भूमिका अब प्रदेशभर में वन नीति, संरक्षण रणनीति और निगरानी तंत्र को दिशा देने वाली होगी।

  • नाहन: स्कूल प्रवक्ता संघ ने सीबीएसई में नई परीक्षा और अलग कैडर की योजना का किया विरोध

    नाहन: स्कूल प्रवक्ता संघ ने सीबीएसई में नई परीक्षा और अलग कैडर की योजना का किया विरोध

    सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का स्वागत, शिक्षकों के लिए अतिरिक्त परीक्षा अव्यावहारिक

    नाहन

    सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने के सरकार के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए स्कूल प्रवक्ता संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के लिए अलग कैडर बनाने और नई परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव पूरी तरह अव्यावहारिक है।

    यह निर्णय संघ की आम सभा में मंगलवार को डाइट नाहन में आयोजित बैठक में लिया गया।संघ ने कहा कि वर्तमान में कार्यरत नियमित शिक्षक पहले ही कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित होकर सेवा में आए हैं।

    ऐसे में सीबीएसई विद्यालयों के लिए विशेष परीक्षा करवाने का कोई औचित्य नहीं बनता। संघ ने यह भी तर्क दिया कि शिक्षा विभाग जहां सैकड़ों शिक्षकों की आउटसोर्स भर्ती कर रहा है और अस्थायी शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने का प्रावधान बना रहा है,

    वहीं 15 से 25 वर्षों के अनुभव वाले शिक्षकों को विशेष परीक्षा से गुजरना न्यायसंगत नहीं है।संघ ने बताया कि विभागीय शिक्षक समय-समय पर जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।

    ऐसे में उनके लिए पुनः परीक्षा करवाना शिक्षा विभाग की योजना को अव्यवहारिक बनाता है। संघ ने यह भी कहा कि यदि कोई शिक्षक स्वयं सीबीएसई स्कूल में कार्य नहीं करना चाहता, तो विकल्प के तौर पर अन्य शिक्षकों से सहमति ली जा सकती है,

    लेकिन नई परीक्षा या अलग कैडर बनाना अनुचित है।संघ के प्रतिनिधियों में हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ के राज्य चेयरमैन सुरेंद्र पुंडीर, राज्य विशिष्ट सदस्य नरेंद्र नेगी,

    जिला अध्यक्ष डॉ. आईडी राही, राज्य संरक्षक रमेश नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय शर्मा, महिला विंग सिरमौर अध्यक्ष संध्या चौहान, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, महासचिव दिनेश शर्मा और कोषाध्यक्ष लाल सिंह ठाकुर शामिल थे।

    बैठक में संघ ने मांग की कि सीबीएसई और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य के पद सृजित किए जाएं और उन्हें संयुक्त वरिष्ठता के आधार पर भरा जाए।

    संघ ने यह भी कहा कि स्थानांतरण नीति में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है और सभी शिक्षकों को सीबीएसई में पढ़ाने का अवसर मिलना चाहिए।

    संघ ने प्रस्ताव रखा कि सीबीएसई विद्यालयों में शिक्षक की अधिकतम सेवाकाल दस वर्ष और न्यूनतम तीन वर्ष रखा जाए, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों के शिक्षक भी इस अवसर का लाभ ले सकें।

    साथ ही संघ ने आउटसोर्स भर्ती का विरोध किया और चेतावनी दी कि इससे शिक्षकों में असमानता और विभाजन पैदा होगा।

    संघ ने लंबित वेतनमान और महंगाई भत्ते की किश्त जारी करने की भी मांग उठाई। अंत में संघ ने शिक्षा निदेशक, स्कूल शिक्षा हिमाचल प्रदेश को स्कूल शिक्षा उप निदेशक गुणवत्ता एवं उच्च के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

  • पच्छाद में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से सरकारी बस सेवा बचाने की रखी मांग

    पच्छाद में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से सरकारी बस सेवा बचाने की रखी मांग

    घिनीघाड की 5 पंचायतों के लोगों ने निजीकरण के खिलाफ ज्ञापन सौंपा, रूट बंद नहीं करने की अपील

    नाहन

    पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के घिनीघाड की पांच पंचायतों के करीब तीन दर्जन ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से अनुरोध किया है कि सरकारी बस सेवा को बंद न किया जाए। ग्रामीणों ने यह मांग एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर की।

    ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार सरकार प्रदेश के कई रूटों की सरकारी बस सेवा को निजी क्षेत्र को देने की योजना बना रही है।

    संभावित रूटों में पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां से मेहन्दोबाग और नाडब खोजर तक चलने वाली बस सेवा भी शामिल है।ग्रामीणों ने बताया कि यह बस सेवा लगभग दो दशक से लगातार चल रही है।

    रोजाना इस रूट पर स्कूल, कॉलेज और आईटीआई के छात्र, ग्रामीण अपने आजीविका के लिए आवश्यक कार्य और जरूरी सामान लेने के लिए पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां आते हैं।

    यह रूट क्षेत्रवासियों के लिए एकमात्र सरकारी बस सेवा है।ज्ञापन में ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि यदि किसी कारणवश बस सेवा बंद करनी भी पड़े, तो इसकी समय सारिणी में कोई बदलाव न किया जाए।

    उन्होंने चेताया कि निजी क्षेत्र को यह रूट सौंपे जाने पर छात्र और अन्य दैनिक यात्री सरकारी सुविधा से वंचित हो जाएंगे।

    ज्ञापन सौंपने वालों में मामराज शर्मा, राजेंद्र ठाकुर, सुरेश कुमार, नितिन ठाकुर, जसवंत सिंह, लक्ष्मी देवी, राजेंद्र सिंह, प्रेम दत्त, मुकेश कुमार, वीरेंद्र, अभिषेक शर्मा, अभय, अंकित, अरुण शर्मा,

    रोशन, नरेंद्र, परवीन, प्रसाद शर्मा, प्रीतम सिंह, रामदयाल, रमेश शर्मा, ज्ञान दत्त, नरेश, वैभव शर्मा, आयुष शर्मा, विजय कुमार, जय इंद्र और अरविंद रावत शामिल थे।

  • सिरमौर के लोक कलाकारों ने दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड में हिमाचल की झांकी से दिखाया शौर्य और संस्कृति

    सिरमौर के लोक कलाकारों ने दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड में हिमाचल की झांकी से दिखाया शौर्य और संस्कृति

    आसरा संस्था के सुनील कुमार और किरण कुमारी ने राष्ट्रीय मंच पर वीर सैनिकों को समर्पित झांकी में भाग लिया

    राजगढ़

    सिरमौर जिले के आसरा संस्था के लोक कलाकारों सुनील कुमार और किरण कुमारी ने दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस के कर्तव्य पथ परेड में हिमाचल प्रदेश की झांकी में भाग लेकर राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश की गौरवशाली पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

    झांकी को विशेष रूप से हिमाचल के वीर सैनिकों और उनके बलिदान को समर्पित किया गया। इसमें प्रदेश की समृद्ध सैन्य परंपरा और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवंत रूप में दिखाया गया।

    सिरमौर के अलावा कुल्लू, चंबा और ऊना जिलों से भी दो-दो कलाकार इस झांकी में शामिल हुए। सुनील कुमार आल इंडिया रेडियो के ‘बी-हाई ग्रेड’ कलाकार हैं और वे वर्षों से आसरा संस्था के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।

    झांकी में हिमाचल प्रदेश के चार परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को प्रमुख रूप से चित्रित किया गया।

    झांकी की परिकल्पना एवं प्रस्तुति भाषा एवं संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप के निर्देशन और उपनिदेशक बिहारी लाल शर्मा की देखरेख में तैयार की गई। जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी ने कलाकारों का चयन किया, जिसे निदेशालय भाषा एवं संस्कृति विभाग ने अनुमोदित किया।

    पूर्व वर्षों में भी सिरमौर के लोक कलाकार गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति देकर प्रदेश का नाम रौशन कर चुके हैं। गत वर्ष आसरा संस्था के कलाकारों ने सिंहटू नृत्य को पहली बार राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया था, जो ऐतिहासिक उपलब्धि रही।

    इस बार की सहभागिता न केवल सिरमौर, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लोक कलाकारों के लिए गर्व और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने वाली रही।

  • कालाअंब में खैर तस्करी पर वन विभाग का शिकंजा, हरियाणा से घुसे माफिया का भंडाफोड़

    कालाअंब में खैर तस्करी पर वन विभाग का शिकंजा, हरियाणा से घुसे माफिया का भंडाफोड़

    रात के अंधेरे में 12 हरे खैर काटे, तड़के कार्रवाई में एक आरोपी गिरफ्तार, चार फरार

    कालाअंब

    औद्योगिक क्षेत्र काला अंब के सकेती इलाके में खैर के जंगलों को निशाना बनाकर सक्रिय वन माफिया के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

    हरियाणा से घुसपैठ कर रात के समय अवैध कटान में जुटे माफिया पर तड़के शिकंजा कसते हुए विभाग की टीम ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि चार अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

    वन विभाग को माफिया की गतिविधियों को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर विभाग ने रणनीति बनाते हुए सुबह करीब चार बजे सकेती गांव के समीप नाकेबंदी की।

    इसी दौरान एक आरोपी को दबोच लिया गया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान पल्होड़ी गांव निवासी आबिद के रूप में हुई है। आरोप है कि इस गिरोह ने जंगल क्षेत्र में 12 हरे खैर के पेड़ों को काट डाला।

    इन पेड़ों की कीमत हजारों रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में कुल छह लोग शामिल थे, जिनमें चार हरियाणा और दो हिमाचल प्रदेश के बताए जा रहे हैं।

    गिरोह का सरगना भी पल्होड़ी गांव का बताया गया है, जबकि टेंपो चालक हरियाणा के नगली गांव का निवासी है।जानकारी के अनुसार, जहां खैर के पेड़ों की कटाई की गई, वह निजी भूमि है, जिसकी किस्म जंगल झाड़ी दर्ज है।

    इसी भूमि पर पहले भी अवैध कटान हो चुका है, जिसकी शिकायत भूमि मालिक द्वारा पुलिस को दी गई थी। भूमि मालिक के मौके पर न रहने का फायदा उठाकर माफिया लगातार रात के अंधेरे में बेशकीमती खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे थे।

    इस कार्रवाई में बीओ इंतजार अली, बीओ राजेश, नाहन रेंज के फॉरेस्ट गार्ड गौरव मोहन, त्रिलोकपुर रेंज के फॉरेस्ट गार्ड नायब सिंह, सुनील कुमार, बलजीत, केवल कृष्ण और वन मित्र शामिल रहे।

    मौके पर डीएफओ (प्रोबेशनल) भी पहुंचे और हालात का जायजा लिया।डीएफओ नाहन अवनी भूषण राय ने कहा कि मामले में नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। वन माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस को भी मामले से अवगत करा दिया गया है।