पच्छाद में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से सरकारी बस सेवा बचाने की रखी मांग
घिनीघाड की 5 पंचायतों के लोगों ने निजीकरण के खिलाफ ज्ञापन सौंपा, रूट बंद नहीं करने की अपील
नाहन
पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के घिनीघाड की पांच पंचायतों के करीब तीन दर्जन ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से अनुरोध किया है कि सरकारी बस सेवा को बंद न किया जाए। ग्रामीणों ने यह मांग एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर की।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार सरकार प्रदेश के कई रूटों की सरकारी बस सेवा को निजी क्षेत्र को देने की योजना बना रही है।
संभावित रूटों में पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां से मेहन्दोबाग और नाडब खोजर तक चलने वाली बस सेवा भी शामिल है।ग्रामीणों ने बताया कि यह बस सेवा लगभग दो दशक से लगातार चल रही है।
रोजाना इस रूट पर स्कूल, कॉलेज और आईटीआई के छात्र, ग्रामीण अपने आजीविका के लिए आवश्यक कार्य और जरूरी सामान लेने के लिए पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां आते हैं।
यह रूट क्षेत्रवासियों के लिए एकमात्र सरकारी बस सेवा है।ज्ञापन में ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि यदि किसी कारणवश बस सेवा बंद करनी भी पड़े, तो इसकी समय सारिणी में कोई बदलाव न किया जाए।
उन्होंने चेताया कि निजी क्षेत्र को यह रूट सौंपे जाने पर छात्र और अन्य दैनिक यात्री सरकारी सुविधा से वंचित हो जाएंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में मामराज शर्मा, राजेंद्र ठाकुर, सुरेश कुमार, नितिन ठाकुर, जसवंत सिंह, लक्ष्मी देवी, राजेंद्र सिंह, प्रेम दत्त, मुकेश कुमार, वीरेंद्र, अभिषेक शर्मा, अभय, अंकित, अरुण शर्मा,
रोशन, नरेंद्र, परवीन, प्रसाद शर्मा, प्रीतम सिंह, रामदयाल, रमेश शर्मा, ज्ञान दत्त, नरेश, वैभव शर्मा, आयुष शर्मा, विजय कुमार, जय इंद्र और अरविंद रावत शामिल थे।