बारिश में टापू बन जाता है टक्का-डंगेडा का संपर्क, रेलवे पुल के नीचे जलभराव से लोगों की बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के दौरान ऊना के टक्का और डंगेडा गांवों को जोड़ने वाले रेलवे पुल के नीचे जलभराव से लोगों का संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। लोगों ने प्रशासन से समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते हुए जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
जिला ऊना में लगातार हो रही बारिश के दौरान टक्का और डंगेडा गांवों को जोड़ने वाला रेलवे पुल क्षेत्र एक बार फिर लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। भारी बारिश होने पर पुल के नीचे पानी इतना भर जाता है कि टक्का और डंगेडा का संपर्क पूरी तरह कट जाता है और लोगों का आवागमन बंद हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग को कुछ समय पहले करीब डेढ़ फुट ऊंचा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया। बारिश का पानी पुल के नीचे जमा होकर तालाब का रूप धारण कर लेता है, जिससे सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है और लोगों के लिए यहां से गुजरना जोखिम भरा बन जाता है।स्थिति यह बन जाती है कि टक्का और डंगेडा के लोगों को ऊना पहुंचने के लिए वाया कुरियाला मोड़ या वाया बसाल होकर लंबा चक्कर काटना पड़ता है। इससे लोगों का समय और धन दोनों बर्बाद होते हैं। सबसे अधिक परेशानी नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों और किसानों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यह मार्ग जलमग्न हो जाता है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो उन्हें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
