तीसा | चुराहा विधानसभा क्षेत्र के तीसा में स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री को लेकर संघर्ष कर रही हैं। क्षेत्र में उचित बाजार उपलब्ध न होने के कारण उनके उत्पादों को सही कीमत नहीं मिल पा रही है।
महिलाओं के उत्पादों की मार्केटिंग सबसे बड़ी चुनौती
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बने स्वयं सहायता समूहों में एंब्रॉयडरी, फूड प्रोसेसिंग, और अन्य छोटे पैमाने के उद्योगों से जुड़े उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या उनकी मार्केटिंग है।
सरकारी प्रयास तेज, मिलेगा स्थायी समाधान?
खंड विकास अधिकारी (BDO) महेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि –
✔️ तीसा में एक स्थानीय बाजार स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।
✔️ महिलाओं के उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए ‘हिमेरा पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा।
✔️ बाजार की समस्या हल करने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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स्थानीय स्तर पर कैसे मिलेगा फायदा?
- स्थायी बाजार बनने से महिलाओं के उत्पादों को स्थानीय खरीदार मिलेंगे।
- बाजार उपलब्ध होने से उन्हें उत्पादों की सही कीमत मिलेगी।
- सरकारी पोर्टल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बिक्री का दायरा बढ़ेगा।
👉 सरकार के इन प्रयासों से क्या महिलाओं की समस्या हल होगी? या फिर संघर्ष जारी रहेगा? पढ़ते रहें अपडेट्स।
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