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उदयपुर-किलाड़ सड़क बनेगी पांगी की नई जीवनरेखा, सफर सिमटकर रह जाएगा दो घंटे में : हर्ष महाजन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

उदयपुर-किलाड़ सड़क के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण से पांगी घाटी के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई है। राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद उदयपुर से किलाड़ तक का सफर लगभग दो घंटे में पूरा हो सकेगा। सड़क संपर्क बेहतर होने से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

शिमला

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा है कि उदयपुर से किलाड़ तक सड़क के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद पांगी घाटी के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह सड़क परियोजना क्षेत्र के लिए नई जीवनरेखा साबित होगी और उदयपुर से किलाड़ तक का सफर घटकर लगभग दो घंटे का रह जाएगा।शिमला में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मुख्य अभियंता राजीव कुमार से मुलाकात के दौरान हर्ष महाजन ने प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं और आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में उदयपुर-किलाड़ सड़क के उन्नयन कार्य की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

हर्ष महाजन ने कहा कि सड़क के बेहतर होने से पांगी घाटी के लोगों की कुल्लू समेत अन्य क्षेत्रों तक पहुंच अधिक आसान और सुविधाजनक होगी। साथ ही पर्यटन, व्यापार, कृषि और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नया विस्तार मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।बैठक के दौरान चम्बा-पांगी सड़क मार्ग की स्थिति और इसके सुधार कार्यों पर भी चर्चा हुई। बीआरओ के मुख्य अभियंता ने भरोसा दिलाया कि सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

इस अवसर पर बीआरओ की ओर से बताया गया कि संगठन का वार्षिक बजट करीब 800 करोड़ रुपये है। हर्ष महाजन ने कहा कि इससे हिमाचल के सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क न केवल लोगों की आवाजाही को आसान बनाएगा, बल्कि सुरक्षा, पर्यटन और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा। केंद्र सरकार और बीआरओ के संयुक्त प्रयासों से हिमाचल के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।