Vikram-1 Launch / भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट श्रीहरिकोटा से लॉन्च, स्काईरूट ने पूरा किया पहला मिशन
Vikram-1 Launched : स्काईरूट एयरोस्पेस ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से अपने पहले ऑर्बिटल मिशन के तहत विक्रम-1 रॉकेट का प्रक्षेपण किया। इस मिशन का उद्देश्य उपग्रहों को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित करना है। कंपनी के अनुसार यह प्रक्षेपण भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में व्यावसायिक उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की योजना का हिस्सा है।
श्रीहरिकोटा
पहले ऑर्बिटल मिशन के तहत हुआ विक्रम-1 का प्रक्षेपण
हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने पहले ऑर्बिटल मिशन के तहत विक्रम-1 रॉकेट का प्रक्षेपण किया। यह लॉन्च आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। यह स्काईरूट एयरोस्पेस का पहला ऑर्बिटल मिशन है। कंपनी के अनुसार मिशन का उद्देश्य निर्धारित पेलोड को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित करना है। निजी क्षेत्र की भागीदारी के विस्तार के दृष्टिकोण से इस मिशन को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है।
लो अर्थ ऑर्बिट में पेलोड स्थापित करना मिशन का उद्देश्य
विक्रम-1 रॉकेट का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में रखा गया है। लगभग सात मंजिला ऊंचाई वाले इस रॉकेट को छोटे और मध्यम आकार के उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। मिशन के तहत रॉकेट को पृथ्वी से लगभग 450 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में पेलोड स्थापित करना है। यह मिशन भविष्य में वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद किया गया लॉन्च
कंपनी के अनुसार निर्धारित लॉन्च से पहले कुछ तकनीकी कारणों के चलते प्रक्षेपण में देरी हुई थी। सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद मिशन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लॉन्च किया गया। कंपनी ने बताया कि उड़ान के प्रत्येक चरण की निगरानी मिशन प्रोटोकॉल के अनुरूप की गई और मिशन से जुड़े सभी सिस्टम पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत संचालित किए गए।
स्पेस लॉन्च सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की योजना
स्काईरूट एयरोस्पेस का कहना है कि उसका उद्देश्य उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं को अधिक सुलभ, व्यावसायिक और किफायती बनाना है। कंपनी भविष्य में विभिन्न सरकारी संस्थानों, निजी कंपनियों और वैश्विक ग्राहकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपग्रहों को निर्धारित कक्षा में स्थापित करने की लॉन्च सेवाएं उपलब्ध कराना चाहती है। इससे पहले नवंबर 2022 में स्काईरूट ने विक्रम-एस नामक सब-ऑर्बिटल मिशन का सफल परीक्षण किया था, जिसे ‘ऑपरेशन प्रारंभ’ नाम दिया गया था। कंपनी का कहना है कि विक्रम-1 मिशन उसी तकनीकी विकास क्रम का अगला चरण है और इसके माध्यम से वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।