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केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता के मुद्दे पर विनय कुमार का बयान, आरडीजी बहाली की उठाई मांग

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को विशेष आर्थिक सहायता मिलने संबंधी दावों पर अपनी प्रतिक्रिया जारी की है। उन्होंने राज्य के वित्तीय मुद्दों, राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और आपदा सहायता से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार से सहयोग की आवश्यकता बताई है।

शिमला

विशेष आर्थिक सहायता के मुद्दे पर प्रतिक्रिया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने जारी एक बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहायता मिलने संबंधी दावों के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य को वर्तमान में जो वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही है, वह विभिन्न केंद्रीय योजनाओं, वित्त आयोग की सिफारिशों और निर्धारित बजटीय प्रावधानों के तहत मिल रही है। उनके अनुसार, राज्य को किसी अलग विशेष आर्थिक पैकेज की स्वीकृति मिलने की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय सहयोग से जुड़े विषयों पर पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके।

राज्य की वित्तीय स्थिति का किया उल्लेख

विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्तमान समय में कई वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) समाप्त होने के बाद राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। उनके अनुसार, राज्य सरकार लगातार यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठा रही है कि पर्वतीय राज्यों की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित राजस्व स्रोतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को जारी रखने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है।

आपदा सहायता राशि का भी उठाया विषय

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से हिमाचल प्रदेश को पिछले वर्षों में व्यापक आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के समक्ष आपदा से हुए नुकसान के आकलन और सहायता राशि से जुड़े विषयों को कई बार उठाया है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए घोषित सहायता और अन्य वित्तीय सहयोग से जुड़े मामलों पर भी राज्य सरकार अपेक्षित कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण, सड़क बहाली, पेयजल योजनाओं और सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता आवश्यक है।

पूर्व सरकार की वित्तीय नीतियों का किया उल्लेख

विनय कुमार ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान सरकार को पूर्व कार्यकाल से संबंधित वित्तीय दायित्वों और देनदारियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अन्य देनदारियां थीं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। उनके अनुसार, कर्मचारियों और पेंशनरों से संबंधित वित्तीय दायित्वों का निर्वहन भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है तथा उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

आरडीजी बहाली और अतिरिक्त सहयोग की मांग

उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की बहाली पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों की वित्तीय आवश्यकताएं मैदानी राज्यों से अलग होती हैं और इसी आधार पर विशेष सहायता तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। विनय कुमार ने कहा कि यदि केंद्र सरकार राज्य के लिए कोई अतिरिक्त वित्तीय पैकेज, विशेष सहायता या अन्य आर्थिक सहयोग प्रदान करती है तो उसका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विकास और वित्तीय स्थिरता से जुड़े विषयों पर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय आवश्यक है।

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