आईएमए देहरादून से पास आउट होकर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने गिरिपार के विवेक चौहान
सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के निवासी विवेक चौहान भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हुए हैं। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) और भारतीय सैन्य अकादमी में निर्धारित सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। पासिंग आउट परेड के बाद उन्हें भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्ति मिली है। उनकी यह उपलब्धि सिरमौर जिले के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए भी एक उल्लेखनीय उदाहरण मानी जा रही है।
नाहन
आईएमए देहरादून में हुए कमीशन
सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के गांव कुजनाल, डाकघर लोजा मनाल, तहसील शिलाई निवासी विवेक चौहान भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हुए हैं। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) के दौरान उन्होंने सैन्य अधिकारी के रूप में शपथ ग्रहण की। आईएमए देश की प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है, जहां से प्रत्येक वर्ष भारतीय सेना के लिए अधिकारी तैयार किए जाते हैं। पासिंग आउट परेड के बाद कैडेट औपचारिक रूप से भारतीय सेना की विभिन्न शाखाओं में अधिकारी के रूप में नियुक्त होते हैं।
एनडीए और आईएमए में प्राप्त किया प्रशिक्षण
विवेक चौहान ने तीन वर्ष का सैन्य प्रशिक्षण नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए), खड़कवासला में प्राप्त किया, जिसके बाद उन्होंने एक वर्ष का प्री-कमीशन प्रशिक्षण भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में पूरा किया। कुल चार वर्षों के सैन्य प्रशिक्षण के दौरान उन्हें नेतृत्व क्षमता, सामरिक अध्ययन, शारीरिक दक्षता, सैन्य रणनीति और फील्ड प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रमों से गुजरना पड़ा। निर्धारित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्रदान किया गया।
परिवार की सैन्य परंपरा से जुड़ा विशेष संयोग
विवेक चौहान की नियुक्ति परिवार की सैन्य पृष्ठभूमि से भी जुड़ी हुई है। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान वर्ष 2002 में इसी भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से भारतीय सेना में अधिकारी बने थे। लगभग 24 वर्ष बाद उसी संस्थान से उनके पुत्र का सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन होना उल्लेखनीय संयोग माना जा रहा है। पासिंग आउट परेड के उपरांत आयोजित पिपिंग सेरेमनी में लेफ्टिनेंट विवेक चौहान को उनके माता-पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान और मोनिका चौहान ने औपचारिक रूप से रैंक इंसिग्निया पहनाए।
परिवार के सदस्य विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत
लेफ्टिनेंट विवेक चौहान का परिवार शिक्षा, रक्षा और विधि क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान वर्तमान में एनसीसी प्रथम बटालियन नाहन में कमांडिंग ऑफिसर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनकी माता मोनिका चौहान पांवटा साहिब के एक सरकारी विद्यालय में अध्यापिका हैं। वहीं उनके बड़े भाई रजत चौहान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। परिवार की पृष्ठभूमि विभिन्न सार्वजनिक सेवा क्षेत्रों से जुड़ी रही है।
सेना में सेवा देने की जिम्मेदारी संभालेंगे
लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान ने कहा कि भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्ति किसी भी सैन्य प्रशिक्षु के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है। उन्होंने बताया कि विवेक चौहान ने निर्धारित सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह अपने प्रशिक्षण और अनुभव का उपयोग करते हुए सेना में निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करेंगे।