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कांगड़ा में जल संरक्षण को लेकर सप्ताह व्यापी अभियान आयोजित, नागरिकों से भागीदारी की अपील

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / कांगड़ा

कांगड़ा जिला में 20 से 25 अप्रैल तक जल संरक्षण को लेकर सप्ताह व्यापी अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान जल स्रोतों की सफाई और लोगों को संरक्षण के प्रति जागरूक करने की गतिविधियां संचालित की गईं।

कांगड़ा

अभियान का आयोजन और उद्देश्य
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा द्वारा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुरूप 20 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक “हमारे पानी को बचाएं, संरक्षित करें, रक्षा करें” विषय पर सप्ताह व्यापी अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक जल स्रोतों और जल निकायों के संरक्षण, सुरक्षा और पुनर्स्थापन को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के तहत विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों के साथ-साथ सफाई अभियान भी चलाए गए, ताकि जल संसाधनों के संरक्षण को व्यवहारिक रूप से लागू किया जा सके।

जल स्रोतों की सफाई और समन्वय
अभियान के दौरान जिला के अलग-अलग क्षेत्रों में पैरा लीगल वालंटियर्स तथा जल शक्ति विभाग के सहयोग से प्राकृतिक जल स्रोतों जैसे बावड़ियों और अन्य जल निकायों की सफाई की गई। इन प्रयासों के माध्यम से न केवल जल स्रोतों को स्वच्छ बनाने पर ध्यान दिया गया, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामूहिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया गया। इस समन्वित पहल से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि जल स्रोतों की नियमित देखरेख और संरक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रह सके।

जनजागरूकता और सहभागिता
अभियान के दौरान आम जनमानस को जल संरक्षण के महत्व के प्रति विस्तार से जानकारी दी गई और उन्हें अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों को यह बताया गया कि जल संसाधनों का संरक्षण दीर्घकालिक आवश्यकता है और इसके लिए सामूहिक स्तर पर निरंतर प्रयास जरूरी हैं। इसके साथ ही जल के जिम्मेदार उपयोग और संरक्षण के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।

सचिव डीएलएसए का वक्तव्य
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आर. मिहुल शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के अभियान समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी महत्वपूर्ण है और सभी नागरिकों को इसमें सक्रिय योगदान देना चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।