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जनसमस्याओं पर युवाओं का फूटा गुस्सा, प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिलाई

क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए 7 दिन के भीतर समाधान की मांग उठाई है। सतौन-रेणुका सड़क, जर्जर पुल और बंद उपतहसील जैसे मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। चेतावनी दी गई है कि समय पर कार्रवाई न होने पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

कफोटा/कमरऊ

क्षेत्र की मूलभूत जनसमस्याओं को लेकर शुक्रवार को युवाओं और समाजसेवियों का गुस्सा फूट पड़ा। सतौन-रेणुका सड़क की बदहाली, सतौन पुल की जर्जर हालत और बंद पड़ी उपतहसील को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर 7 दिन के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की है।प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम कफोटा की अनुपस्थिति में सुपरिंटेंडेंट तथा तहसीलदार कमरऊ को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान युवाओं ने साफ कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं पर अब और चुप नहीं बैठा जाएगा तथा यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

ज्ञापन में सतौन-रेणुका जी सड़क की खस्ता हालत को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। युवाओं ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है, लेकिन लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क की हालत के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रतिनिधिमंडल ने सड़क को शीघ्र चौड़ा और पक्का करने की मांग उठाई।बंद पड़ी सतौन उपतहसील का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि उपतहसील का बंद होना क्षेत्र की जनता के साथ सीधा अन्याय है, क्योंकि इससे लोगों को छोटे-छोटे राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर-दराज कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने इसे तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग की।

सतौन पुल की जर्जर हालत को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। युवाओं ने कहा कि पुल की वर्तमान स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। यदि समय रहते मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो किसी भी अनहोनी के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।इस दौरान एडवोकेट दिनेश चौहान, मनोज पुंडीर, विक्रम चौहान, हरिचंद शर्मा, यशपाल ठाकुर, विजेंद्र तोमर और अभी ठाकुर सहित क्षेत्र के अनेक युवा मौजूद रहे।प्रतिनिधिमंडल ने दो टूक कहा कि यदि 7 दिन के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सतौन और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को लामबंद कर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही जनप्रतिनिधियों के विरोध की भी चेतावनी दी गई है।