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शिक्षा व्यवस्था के हालः बाड़थल मधाना में 65 बच्चों का भविष्य रामभरोसे

Ankita 1 Jul 2024 Edited 1 Jul 1 min read

स्कूल में कई शिक्षकों समेत प्रधानाचार्य का पद खाली

HNN/ नाहन

ग्रामीण परिवेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। जिला सिरमौर में कई ऐसे कई स्कूल हैं, जहां लंबे समय से शिक्षकों के पदों को नहीं भरा गया है। ऐसे में बच्चों के सपने स्कूल की चारदीवारी के भीतर धाराशायी हो रहे हैं। ऐसा ही एक स्कूल है बाड़थल मधाना।

धारटीधार इलाके की इस राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में 65 बच्चे पढ़ रहे हैं, यहां जमा एक और जमा दो की कक्षाएं पढ़ाने के लिए सिर्फ हिंदी के एक प्रवक्ता का पद भरा गया है। इस स्कूल के स्तरोन्नत होने के बाद यहां शिक्षा का यही हाल चल रहा है।

इस स्कूल में प्रधानाचार्य का पद तो दूर प्रवक्ता अंग्रेजी, इतिहास, राजनीतिक शास्त्र, कंप्यूटर साइंस जैसे अहम विषयों के पद आज तक नहीं भरे गए हैं। इसके साथ साथ इस स्कूल में टीजीटी मेडिकल और टीजीटी नॉन मेडिकल का पद भी लंबे अरसे से खाली चल रहा है। साथ ही स्कूल में पीटीई और क्लर्क भी नहीं भरे गए हैं।

ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों को यहां किस तरह की शिक्षा मिल रही है। यही कारण है कि कई सरकारी स्कूलों से बच्चे शहर के निजी और सरकारी स्कूलों की ओर पलायन कर रहे हैं। जो बच्चे अपने गांव के आसपास के स्कूलों में अध्ययनरत हैं, उनके अभिभावकों की मजबूरी ये है कि वे तंगहाली के चलते अच्छी शिक्षा के लिए बच्चों को कहीं भेज नहीं पा रहे।

बाड़थल मधाना स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर और पूर्व अध्यक्ष कमलेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि वे कई बार शिक्षा विभाग और शिमला जाकर स्कूल में खाली पड़े पदों को भरने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। इससे बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है।

उन्होंने शिक्षा विभाग से फिर मांग दोहराते हुए कहा कि जल्द से जल्द खाली पदों पर शिक्षकों की तैनाती की जाए। ताकि, बच्चों का भविष्य संवर सके। उधर, कार्यवाहक उच्च शिक्षा उपनिदेशक अजीत चौहान ने बताया कि समय समय पर खाली पड़े पदों की सूची निदेशालय भेजी जाती है। यदि एसएमसी की तरफ से ऐसी कोई मांग आती है तो उसे स्पेशल डिमांड बनाकर भेजा जाएगा, ताकि, पद भरे जा सकें।