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सिरमौर की पंचायतों में चुनावी बिगुल, 3.71 लाख मतदाता चुनेंगे जनप्रतिनिधि

By Shailesh Saini Published: 22 Feb 2026, 4:28 PM | Updated: 22 Feb 2026, 4:41 PM 1 min read

दो नई पंचायतों के गठन और नए विकास खंडों से बदलेगा ग्रामीण सियासी समीकरण

नाहन

मई माह में प्रस्तावित पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर जिला सिरमौर में तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इस बार जिले की 261 पंचायतों में कुल 3,71,755 मतदाता अपने जनप्रतिनिधियों का चयन करेंगे। पहले पंचायतों की संख्या 259 थी, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित दो नई पंचायतों के गठन के बाद यह संख्या बढ़ गई है।

नई पंचायतों में शिलाई विधानसभा क्षेत्र की बालीकोटि पंचायत से अलग होकर चामरा मोहराड़ तथा पांवटा साहिब क्षेत्र की सैनवाला मुबारकपुर पंचायत से अलग होकर टोक्यो पंचायत बनाई जा रही है।

नई इकाइयों के गठन से स्थानीय प्रशासनिक सुविधा के साथ-साथ ग्रामीण राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव की संभावना है।
पिछले पंचायत चुनावों के बाद जिले के प्रशासनिक ढांचे में भी विस्तार हुआ है। वर्ष 2021 के बाद दो नए विकास खंड कार्यालय स्थापित किए गए — शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कमराऊ में तिलोरधार तथा श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के ददाहू में। इसके साथ ही अब जिला सिरमौर में विकास खंडों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।

विकास खंडवार पंचायतों के वितरण में पांवटा साहिब सबसे बड़ा खंड बनकर उभरा है, जहाँ 49 पंचायतें शामिल हैं। शिलाई में 36 पंचायतें, पच्छाद में 34, राजगढ़ में 33, संगड़ाह क्षेत्र में 37, ददाहू में 25, नाहन में 24 तथा तिलोरधार में 23 पंचायतें शामिल हैं।


मतदाता आंकड़ों पर नजर डालें तो पांवटा साहिब विकास खंड में सर्वाधिक 97,166 मतदाता पंजीकृत हैं। इसके बाद शिलाई में 48,676, संगड़ाह में 44,895, नाहन में 44,347, पच्छाद में 40,346, राजगढ़ में 35,495, ददाहू में 30,631 तथा तिलोरधार में 30,189 मतदाता दर्ज किए गए हैं।

प्रशासन के अनुसार 31 जनवरी 2026 तक नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाने से संख्या में और वृद्धि संभव है।

जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठाकुर तथा उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चुनावी तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। नई पंचायतों के गठन को लेकर सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित की गई हैं, जिसके बाद अंतिम अधिसूचना जारी होगी।

जिले में पंचायतों की संख्या बढ़ने, नए विकास खंड बनने और मतदाता आधार के विस्तार के कारण इस बार पंचायत चुनावों में मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है।

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