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सुक्खू सरकार का नाहन मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करने का फैसला ‘तुगलकी’: प्रदेश प्रवक्ता

By Shailesh Saini Published: 26 Oct 2025, 3:43 PM | Updated: 26 Oct 2025, 3:43 PM 1 min read

हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन (सिरमौर)।

नाहन मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र शिफ्ट करने के प्रदेश कैबिनेट के हालिया फैसले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने पिछले तीन वर्षों से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया था, और अब यह निर्णय केवल राजनीतिक शोशेबाजी है।

भाजपा के अनुसार, केंद्र की मोदी सरकार ने नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए 261 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। तत्कालीन भाजपा सरकार में डॉ. राजीव बिंदल की सक्रियता से 120 बीघा भूमि स्थानांतरित कर सभी क्लीयरेंस ले ली गई थी और भवन निर्माण तेजी से चल रहा था।

मुद्दे पर प्रेस वर्ता के दौरान विनय गुप्ता ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि 2022 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप क्यों रहा? उन्होंने पूछा कि क्या सरकार तीन साल में निर्माणाधीन भवन में प्रशासनिक ब्लॉक और ओपीडी चालू नहीं कर सकती थी, जबकि वर्तमान में मरीजों को भारी दुर्दशा झेलनी पड़ रही है।

भाजपा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करने का ख्याल तीन साल बाद क्यों आया, जबकि अब सरकार के कार्यकाल के केवल दो साल बचे हैं?

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केवल इसलिए उठाया गया है ताकि आगामी चुनावों में जनता मेडिकल कॉलेज के बारे में सवाल न पूछ सके। नए स्थान पर भूमि चयन, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, MCI क्लीयरेंस और अन्य सुविधाएं दो साल में पूरी करना असंभव है।

विनय गुप्ता ने कहा कि यह सरकार ‘अटकाने, लटकाने, भटकाने’ और जनता को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और स्थानीय विधायक अपनी नाकामियां छुपाने के लिए शोशेबाजी कर रहे हैं,

जिसके चलते नाहन मेडिकल कॉलेज अन्य कॉलेजों से वर्षों पीछे हो गया है और बंद होने की कगार पर पहुँच सकता है। वार्ता में वरिष्ठ भाजपा नेता मनीष अग्रवाल, जिला कार्यालय प्रभारी शिवी, नाहन मंडल अध्यक्ष संजय पुंडीर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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