HNN/शिमला
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को दी जाने वाली बिजली की दरों में वृद्धि को वापस लेने का आग्रह किया। सीआईआई ने बताया कि हिमाचल में बिजली की दरें पंजाब, हरियाणा से महंगी और उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर के बराबर हो गई हैं।
सीआईआई के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एक साल में बिजली के दाम 35 से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जो सामान्यतः सालाना 5 फीसदी तक बढ़ते थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिजली की बढ़ी दरों से राहत नहीं मिली, तो उद्योग हिमाचल से पलायन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सीआईआई के प्रतिनिधियों को राहत देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल में बिजली की दरें पड़ोसी राज्यों से महंगी हुई हैं, तो दरों में कटौती की जाएगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भी इस मामले में सीआईआई के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक अक्टूबर 2024 से 220 केवी और उससे अधिक, 132 केवी और उससे अधिक, 66 केवी और उससे अधिक, एचटी-1 और एमटी-2 बिजली खपत के लिए 1 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त सब्सिडी वापस लेने का फैसला लागू किया है। सीआईआई ने इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है ताकि उद्योगों को राहत मिल सके।
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