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अंबाला में लगा ‘नशा छोड़ो’ कैंप: नशे से आज़ाद हुए युवाओं ने सुनाई हिम्मत की कहानी

Shailesh Saini • 25 Jun 2025 • 1 Min Read

श्री कृष्ण अस्पताल और पुलिस की पहल पर जगाई गई अलख, परिवार और समाज के रोल पर जोर

हिमाचल नाऊ न्यूज़ अंबाला, हरियाणा:

“नशा छोड़ो, जिंदगी जियो!”—इसी खास मकसद से अंबाला के श्री कृष्ण अस्पताल में एक अनोखा ‘नशा मुक्ति जागरूकता कैंप’ लगाया गया। इस नेक काम में पुलिस के NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) सेल से SI सतीश कुमार और ASI संजीव कुमार भी अपनी टीम के साथ पहुंचे, ताकि लोगों को सही राह दिखाई जा सके।

हमने ऐसे छोड़ी नशे की दलदल’, ठीक हुए साथियों ने सुनाई दिल छू लेने वाली आप बीती

इस कैंप की सबसे खास बात ये रही कि यहां उन जाबांज साथियों को सम्मानित किया गया, जो इसी अस्पताल से इलाज करवाकर अब पूरी तरह नशे की गुलामी से आज़ाद हो चुके हैं।

इनमें विक्रम सिंह और रॉबिन जैसे युवा शामिल थे। उन्होंने बेझिझक बताया कि कैसे उन्होंने नशे की दलदल से बाहर निकलकर एक नई और बेहतर जिंदगी शुरू की। उनकी बातें सुनकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं और उनके अंदर भी उम्मीद की किरण जगी। यह किसी भी इंसान के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा थी।

डॉक्टर बोले: ‘नशे के रोगी को को सहारा दें, परिवार और समाज का साथ जरूरी

‘श्री कृष्ण अस्पताल के डॉ. बी.के. शर्मा और खुशबू कुमारी ने समझाया कि नशे से छुटकारा पाने के लिए सिर्फ दवाइयां ही काफी नहीं होतीं, बल्कि दिमाग और मन को भी ठीक करना पड़ता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर परिवार और समाज एकजुट होकर साथ दे, तो कोई भी इंसान नशे की लत से बाहर आ सकता है और अपनी जिंदगी को फिर से संवार सकता है।

उनका साफ कहना था कि नशे के आदी को सिर्फ बीमार न समझें, उसे प्यार, सहारा और अपनापन दें। यही सबसे बड़ी दवा है।

पुलिस ने दिया भरोसा: ‘सरकार हर तरह से मदद को तैयार’NDPS सेल के पुलिसकर्मियों ने भी अपनी बात रखी

उन्होंने बताया कि सरकार ऐसे लोगों की हर कानूनी तरीके से मदद करने को तैयार है, जो नशा छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि पुलिस सिर्फ पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि मदद करने के लिए भी है।

इस कैंप का मुख्य मकसद बस इतना था कि लोग नशे के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं और जो इससे जूझ रहे हैं, उन्हें सही रास्ता और मजबूत सहारा मिल सके।