अग्निकांड / कुल्लू में भीषण आग में लगभग आधा गांव जल कर हुआ राख

नए साल के पहले ही दिन 35 परिवार हुए बेघर, देवता के भंडार सहित करोड़ों का नुकसान

कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल के तांदी गांव में नए साल के पहले दिन ही हुए भीषण अग्निकांड में 35 परिवारों के 144 लोग बेघर हो गए , गोशालाएं और देवता का भंडार भी जलकर राख हुए । बुधवार दोपहर करीब 3 बजे बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट के कारण घास के एक ढेर में आग लगी, जो देखते ही देखते आधे गांव में फैल गई। इस घटना में लकड़ी (काष्ठ) और पत्थर (कुणी) के संयोजन से बने मकानों में और भी आसानी से आग बुरी तरह से फ़ैल गयी।

अग्निकांड में देवता के भंडार गृह में रखे सोने-चांदी के आभूषण भी राख हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। आग से छह घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, लेकिन लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

ग्रामीणों की मशक्कत से रोकी गई बड़ी तबाही

आग इतनी तेजी से फैली कि घरों से सामान निकालने का भी समय नहीं मिला। हालांकि, ग्रामीणों ने गोशालाओं से मवेशियों को बाहर निकालने में सफलता पाई। प्रचंड आग को रोकने के लिए ग्रामीणों ने पांच मकानों को उखाड़कर तबाही को कम किया। अगर यह कदम न उठाया जाता तो पूरा गांव जलकर खाक हो जाता । ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के आगे ये प्रयास नाकाफी साबित हुए।

वहीँ दमकल विभाग सूचना मिलने पर बंजार से मौके के लिए रवाना तो हुआ, लेकिन रास्ते में जाम के कारण बहुत समय तक फंसा रहा नए साल के जश्न के कारन भी ज़्यादा भीड़ का सामना करना पड़ा । इस दौरान आग ने चार से पांच मकानों को अपनी चपेट में ले लिया था। पानी खत्म होने पर दमकल वाहन को 7 किलोमीटर दूर जाकर पानी भरवाना पद रहा था जो की और मुश्किल का कारण बन रह था । बाद में स्थिति गंभीर होने पर लारजी और कुल्लू से भी और दमकल वाहन बुलाए गए।

प्रभावितों को राहत और प्रशासन की कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों के प्रति सजग रहने और प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करने के भी निर्देश दिए हैं । बंजार के एसडीएम पंकज शर्मा ने बताया कि प्रभावित परिवारों को 15-15 हजार रुपये फौरी राहत के साथ तिरपाल और कंबल वितरित किए गए हैं। डीएसपी शेर सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग के असल कारणों की जांच की जा रही है।

ग्रामीण सदमे में, राहत कार्य जारी

इस अग्निकांड के बाद ग्रामीण गहरे सदमे में हैं। लकड़ी के मकानों में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल विभाग और सैकड़ों ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने घटना की जांच और राहत कार्यों को तेज करने का आश्वासन दिया है।