हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में स्थित दलगांव में 2 से 5 जनवरी 2024 तक ऐतिहासिक भुंडा महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। इस महायज्ञ का आरंभ 2 जनवरी को संघेड़ा रस्म से होगा, जिसमें देवता महाराज बकरालू के साथ हजारों देवलु पहुंचेंगे। यह यज्ञ 40 साल बाद आयोजित किया जा रहा है, और इस अवसर पर हजारों लोग एकत्रित होंगे।
भुंडा महायज्ञ की मुख्य रस्में
संघेड़ा रस्म से शुरुआत
भुंडा महायज्ञ का पहला दिन 2 जनवरी को संघेड़ा रस्म के साथ होगा। इस रस्म के तहत देवताओं का आगमन होगा, और देवताओं के साथ बड़ी संख्या में देवलु हथियारों से लैस होकर भूंडे में पहुंचेंगे।
शिखा पूजन और बेड़ा डालने की रस्म
महायज्ञ के दूसरे दिन, 3 जनवरी को मंदिर में शिखा पूजन की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद 4 जनवरी को बेड़ा डालने की मुख्य रस्म आयोजित की जाएगी, जिसमें एक रस्सी को ऊंची पहाड़ी से नीचे तक बांधने का कार्य होगा। इस रस्सी पर एक काठ की घोड़ी पर देवता द्वारा चयनित व्यक्ति को बैठाकर पहाड़ी से नीचे भेजा जाएगा। इस रस्म के दौरान, देवता की ओर से चयनित व्यक्ति रस्सी पर फिसलते हुए दूसरे छोर तक जाएगा।
महायज्ञ का समापन उछड़-पाछड़ रस्म से
महायज्ञ का समापन 5 जनवरी को उछड़-पाछड़ रस्म के साथ होगा, जो इस यज्ञ की आखिरी और महत्वपूर्ण रस्म होगी।
परिवहन की व्यवस्था: रोहड़ू से दलगांव तक बस सेवाएं
बस सेवाओं की शुरुआत
भुंडा महायज्ञ में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए, परिवहन निगम ने रोहड़ू से दलगांव तक 50 बसों की सेवा शुरू करने का फैसला लिया है। बसें 2 जनवरी को सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेंगी। पहले दिन, बसें हर आधे घंटे में रोहड़ू से दलगांव के लिए चलेंगी। दूसरे और तीसरे दिन, बसों का आवागमन 15 मिनट के अंतराल पर होगा।
ट्रैफिक प्लान और एक वे रूट
महायज्ञ में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसलिए, प्रशासन ने एक सख्त ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। दलगांव से कुटाडा तक मुख्य सड़क पर किसी भी वाहन को पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। लोग अपने वाहनों से मुख्य स्थल दलगांव तक तो पहुंच सकते हैं, लेकिन उन्हें वाहन कहीं भी खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी।
आपातकालीन सहायता के लिए संपर्क विवरण
पुलिस सहायता
- पुलिस हेल्पलाइन: 112
- रोहड़ू पुलिस: 01781240030, 8894728026, 8894728010, 01781240010
अग्निशमन
- अग्निशमन हेल्पलाइन: 101, 01781-240130
एंबुलेंस
- एंबुलेंस हेल्पलाइन: 108
निष्कर्ष
भुंडा महायज्ञ 2024 एक ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर है, जो क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही, परिवहन व्यवस्था और ट्रैफिक प्लान की उचित तैयारी ने यह सुनिश्चित किया है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के इस महायज्ञ का हिस्सा बन सकें।

