हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी भक्तों का उत्साह, भक्ति रस में डूबा नववर्ष का आगाज
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठ मां बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में नववर्ष के अवसर पर भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। शरद कालीन नवरात्रि का भी रिकॉर्ड तोड़ते हुए, 45,000 से अधिक श्रद्धालु घने कोहरे और हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद मां के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे।
सुबह 4 बजे से लेकर रात 10:30 बजे तक मंदिर में लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु ठंड और भीड़ को भूलकर मां के दरबार में शीश नवाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहे। इस दौरान मंदिर न्यास समिति ने पार्किंग से मंदिर तक जाने के लिए निशुल्क वाहन व्यवस्था और ठहरने के लिए यात्रियों के निवास का विशेष प्रबंध किया।
यज्ञ और भंडारे का आयोजन
सुबह 4:30 बजे यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान, सहायक प्रबंधक मंदिर न्यास समिति विजयपाल और अन्य श्रद्धालुओं ने पूर्ण आहुति दी। श्रद्धालुओं के लिए नियमित भंडारे के साथ-साथ ठंड को देखते हुए गरम चाय और पानी की भी व्यवस्था की गई।
पुलिस और प्रशासन की सटीक व्यवस्था
कानून और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रमुख कंवर कुलवंत सिंह पूरी टीम के साथ रात 10 बजे तक डटे रहे। पार्किंग की बेहतर व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के चलते श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
श्रद्धालुओं के ठहरने की विशेष व्यवस्था
मंदिर न्यास समिति ने यात्रियों के लिए यात्री भवन, मंदिर सराय और चार निजी धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की। बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी इन सुविधाओं का लाभ उठाया।
एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने पुष्टि की कि नववर्ष के दिन 45,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। मंदिर में प्राप्त चढ़ावे की जानकारी काउंटिंग के बाद साझा की जाएगी। इस भव्य आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डूबने का अवसर दिया और एक प्रेरणादायक शुरुआत की।

