HNN/ नाहन
नाहन विधानसभा क्षेत्र के कंडईवाला में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों की समस्या सुनी। सुक्खू ने कहा कि वह आपदा में राजनीति की बात करने नहीं आए हैं, वह प्रभावित परिवारों तथा पीड़ितों के जख्मों पर राहत देने आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से शिमला में बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
प्रदेश में 10 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। मैं ग्रामीण परिवेश से आता हूं, आप लोगों का दर्द जानता हूं। जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्य को खो दिए हैं, उनके जख्मों को पैसों से नहीं भरा जा सकता, हम तो केवल उनकी आर्थिक मदद कर रहे हैं। प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से पीड़ितों के घर बनाने के लिए आर्थिक मदद करेंगे।
जिन किसानों के पशु मर गए हैं या बह गए हैं, उन किसानों को आर्थिक मुआवजे के तौर पर गाय और भैंस के मरने तथा बहाने पर 55 हजार की राशि दी जाएगी। फसलों के नुकसान के लिए उचित मुआवजा देने की निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार लोगों के साथ खड़ी है। एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि अनुराग ठाकुर बताएं कि केंद्र सरकार की ओर से कब और कहां पहली अंतरिम राशि की पहली किश्त जारी हुई है।
प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले अंतरिम राहत राशि का इंतजार कर रही है। सुखविंदर सिंह ने कहा कि भाजपा को इस समय आपदा में राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब विधानसभा का सत्र होगा, तो राजनीति करेंगे। लोकसभा के चुनाव में राजनीति करेंगे।
इस समय प्रदेश में आपदा का दौर है, तो सभी को साथ देना चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रदेश सरकार की 11 करोड़ की मदद करने के लिए आभार भी जताया। राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने फोन कर केवल आपदा के बारे में बातचीत की है, बाकी किसी ने कोई सहायता नहीं की।

