काला अंब
जनवरी से बंद पड़ी फैक्ट्री में रात को बनती थी अवैध शराब, SIT करेगी हर पहलू की जांच
काला अंब स्थित त्रिलोक संस ब्रेवरेज एंड डिस्टलरी बॉटलिंग प्लांट में आबकारी विभाग की छापेमारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। फैक्ट्री में भारी मात्रा में अवैध देसी और अंग्रेजी शराब तथा लाखों की संख्या में शराब ब्रांड लेबल मिलने के बाद अब मामला पुलिस को सौंप दिया गया है।
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एडिशनल एसपी के नेतृत्व में गठित SIT, मालिक और स्टाफ फरार
जिला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी योगेश रोल्टा की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। टीम अब फैक्ट्री की ओनरशिप से लेकर सप्लाई और खरीद तक की हर कड़ी को खंगाल रही है। फैक्ट्री के पंजीकृत मालिक और प्रमुख प्रबंधन स्टाफ फिलहाल फरार हैं।
इंस्पेक्टर के जाने के बाद रात में बनती थी शराब, चाबी निकालने के लिए तोड़ा गया दरवाजा
सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री जनवरी से बंद पड़ी थी और दिन में एसटीईओ यानी इंस्पेक्टर केवल चाबी जांचने आता था। लेकिन रात को उसके जाने के बाद दरवाजा तोड़कर चाबी निकाल ली जाती थी और फिर अवैध लेबर के जरिए देसी और अंग्रेजी ब्रांड की शराब तैयार होती थी। छापेमारी के वक्त पकड़ी गई रात की शिफ्ट की लेबर फैक्ट्री के रजिस्टर में दर्ज नहीं थी।
लेबल, बोतलें, ENA की खरीद और ट्रांसपोर्ट की भी हो रही जांच
एसआईटी अब यह भी जांच कर रही है कि शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाला ENA, ब्रांड लेबल और खाली बोतलें कहां से मंगाई गई थीं। इसके अलावा यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध शराब को कहां बेचा गया।
इंस्पेक्टर ने माना दरवाजे से छेड़छाड़, सहयोग देने की बात कही
इंस्पेक्टर अंकित सिंह ने भी स्वीकार किया कि फैक्ट्री का उनका कमरा जबरन खोला गया। उन्होंने कहा कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। वहीं एसपी निश्चिन सिंह नेगी ने कहा कि जांच बहुत गहराई से की जा रही है और SIT जल्द ही और खुलासे करेगी।
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