Loading...

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को मिलेगा नया आयाम:- मनोज डोगरा

PRIYANKA THAKUR • 18 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा मीडिया प्रभारी मनोज डोगरा ने महिला आरक्षण बिल को देश की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाला कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

ऊना

चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा मीडिया प्रभारी मनोज डोगरा ने महिला आरक्षण बिल को देश की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाला कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। जिससे देश की आधी आबादी को सीधे तौर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी मिलेगी। उन्होंने इसे ‘नारी शक्ति वंदन’ की दिशा में एक मजबूत पहल बताते हुए कहा कि इससे राजनीति में महिलाओं की संख्या ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि उनके दृष्टिकोण, अनुभव और संवेदनशीलता को भी नीति निर्माण में स्थान मिलेगा।

मनोज डोगरा ने कहा कि इस बिल के लागू होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं नेतृत्व की मुख्यधारा में आएंगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अधिक प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इससे महिलाओं को राजनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा, और समाज में उनकी स्थिति और अधिक सशक्त होगी।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में महिलाओं के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गई हैं। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली, जन धन योजना के माध्यम से उन्हें बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने बेटियों के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव लाया, जबकि मातृत्व लाभ और पोषण से जुड़ी योजनाओं ने महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूती दी है।

मनोज डोगरा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल इन सभी प्रयासों की कड़ी है, जो महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि नीति निर्माता के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह कदम भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समावेशी, मजबूत और संतुलित बनाएगा तथा आने वाले समय में देश की राजनीति में महिलाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करेगा।