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अष्टमी पर 24 घंटे खुला रहेगा ज्वालामुखी मंदिर, नवरात्र में लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, करोड़ों का चढ़ावा

PRIYANKA THAKUR 24 Mar 2026 Edited 24 Mar 1 min read

Himachalnow / कांगड़ा

चैत्र नवरात्र के दौरान प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। मंदिरों में दर्शन के साथ नकद चढ़ावे में भी बढ़ोतरी देखी गई है और प्रशासन द्वारा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

कांगड़ा

नवरात्र के दौरान शक्तिपीठों में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
ज्वालामुखी मंदिर सहित प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में चैत्र नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पांचवें नवरात्र के दिन लगभग 97 हजार 500 श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसरों में व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन और मंदिर न्यास द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिल सके।

अष्टमी पर 24 घंटे खुला रहेगा मंदिर
नवरात्र के विशेष अवसर को देखते हुए ज्वालामुखी मंदिर को अष्टमी के दिन 24 घंटे खुला रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान श्रद्धालु बिना किसी समय सीमा के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन द्वारा भीड़ को व्यवस्थित करने, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रूप से बनी रहे।

चार प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे का आंकड़ा
चैत्र नवरात्र मेले के दौरान नयना देवी मंदिर, चिंतपूर्णी मंदिर, ज्वालामुखी मंदिर और बज्रेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा नकद चढ़ावा अर्पित किया गया। चौथे दिन इन चारों मंदिरों में कुल 49 लाख 51 हजार 619 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ, जिससे मंदिर न्यासों की आय में वृद्धि दर्ज की गई है और व्यवस्थाओं के संचालन में सहायता मिल रही है।

नयना देवी और चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की संख्या
नयना देवी मंदिर में पांचवें नवरात्र पर लगभग 45 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर न्यास के अध्यक्ष धर्मपाल चौधरी के अनुसार चौथे नवरात्र पर यहां 20 लाख 30 हजार 592 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ। वहीं चिंतपूर्णी मंदिर में पांचवें नवरात्र के दिन लगभग 18 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जहां दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए गए।

प्रबंधन और व्यवस्थाओं पर ध्यान
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसमें सुरक्षा व्यवस्था, कतार प्रबंधन, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सूचना प्रणाली और मार्गदर्शन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि दर्शन प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।