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सरकार ने तय किया एलपीजी सिलिंडर का नया कोटा, अब अलग-अलग सेक्टर के लिए निर्धारित होगी गैस आपूर्ति

PRIYANKA THAKUR 24 Mar 2026 Edited 24 Mar 1 min read

Himachalnow / शिमला

केंद्र सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी वितरण को व्यवस्थित करने के लिए नया कोटा और नियम लागू किए हैं। इसके तहत विभिन्न सेक्टरों के लिए गैस आवंटन तय किया गया है और आवेदन प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है।

शिमला

व्यावसायिक एलपीजी वितरण के लिए नए नियम लागू
पेट्रोलियम मंत्रालय और केंद्र सरकार द्वारा देशभर में व्यावसायिक एलपीजी वितरण प्रणाली को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। इन नियमों के तहत अब शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, भंडारे, मेलों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए व्यावसायिक गैस सिलिंडर प्राप्त करने हेतु संबंधित उपभोक्ताओं को जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के पास लिखित आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ कार्यक्रम से संबंधित आवश्यक जानकारी और दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है, ताकि मांग का सही आकलन किया जा सके।

जिला स्तर पर समिति करेगी आवंटन
इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति प्राप्त आवेदनों की जांच कर उनकी आवश्यकता और सत्यता के आधार पर गैस सिलिंडरों के आवंटन को स्वीकृति देगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिलिंडरों का वितरण निर्धारित मानकों के अनुसार हो और किसी भी प्रकार के अनियमित उपयोग को रोका जा सके।

विभिन्न क्षेत्रों के लिए तय किया गया कोटा
सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए एलपीजी सिलिंडरों का कोटा निर्धारित किया है। इसके तहत शिक्षण संस्थानों को 37 प्रतिशत, होटल और रेस्टोरेंट को 36 प्रतिशत, जबकि सामाजिक समारोहों, दवा उद्योगों और सरकारी कैंटीन के लिए 9-9 प्रतिशत का आवंटन तय किया गया है। धार्मिक आयोजनों के लिए भी 9 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है। समिति कार्यक्रम के आकार, अवधि और आवश्यकताओं के अनुसार सिलिंडरों की संख्या तय करेगी, जिससे संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

अतिरिक्त 20 प्रतिशत कोटा की अनुमति
व्यावसायिक गैस की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राज्यों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी है। इस प्रावधान से होटल, डेयरी और औद्योगिक इकाइयों को आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त गैस प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, इस अतिरिक्त कोटे का लाभ लेने के लिए 19 किलोग्राम सिलिंडर के उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जिसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।

पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर जोर
प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि गैस की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन वितरण को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निगरानी प्रणाली को सख्त किया गया है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक द्वारा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अतिरिक्त गैस की मांग करने वाले उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि व्यावसायिक सिलिंडरों का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों और नियमों के अनुसार ही किया जाए, ताकि वितरण प्रणाली में संतुलन बना रहे।