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आंगनवाड़ी केंद्रों में फेसियल रिकग्निशन से राशन वितरण,फर्जी लाभार्थियों पर रोक / इंदु बाला गोस्वामी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 26 Mar 2026 Edited 26 Mar 1 min read

Himachalnow / धर्मशाला

आंगनवाड़ी में फेसियल रिकग्निशन से राशन वितरण शुरू । पोषण अभियान के तहत नई तकनीक से फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने का दावा किया गया है। सरकार ने संसद में बताया कि इस सिस्टम से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है।

धर्मशाला

फेसियल रिकग्निशन सिस्टम से राशन वितरण

केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने राज्यसभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी को जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रालय ने पोषण अभियान के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में अनाज वितरण के लिए फेसियल रिकग्निशन प्रणाली लागू की है। इस प्रणाली के अंतर्गत बायोमेट्रिक माध्यम से लाभार्थियों की पहचान कर ही राशन दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यह आधार आधारित ट्रैकिंग सिस्टम फर्जी और अपात्र लोगों को अनाज मिलने से रोकने में मददगार साबित हो रहा है। साथ ही इससे अनाज की लीकेज पर भी नियंत्रण पाया गया है।

लाभार्थियों की बड़ी संख्या ने पूरी की प्रक्रिया

सरकार के अनुसार 31 जुलाई 2025 तक कुल 5,10,24,888 लाभार्थियों में से 3,51,97,271 ने ई-केवाईसी और फेस कैप्चर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। वहीं फरवरी 2026 तक कुल 4,77,88,108 लाभार्थियों में से 4,63,58,376 लाभार्थियों ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती मिली है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण

उन्होंने बताया कि नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्टेट कोऑर्डिनेटर्स द्वारा लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा “पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम के तहत सावित्रीबाई फुले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वुमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट द्वारा राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो आगे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

मिशन पोषण 2.0 के तहत व्यापक लाभ

सरकार ने बताया कि 18 मार्च 2026 तक कुल 3901 राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मिशन पोषण 2.0 के अंतर्गत छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 14 से 18 वर्ष की किशोरियों को कवर किया गया है।