राजगढ़ की बेटी हिमांशु चौहान ने आईआईटी रूड़की में पीएचडी के लिए चयनित होकर राज्य का नाम रोशन किया है। वह हिमाचल से पहली बेटी होंगी जो इस संस्थान में आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग में शोध करेंगी।
राजगढ़
आईआईटी रूड़की में चयन, पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल
हिमांशु चौहान का चयन देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रूड़की में आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग विषय में पीएचडी के लिए हुआ है। इस सफलता के साथ ही वह हिमाचल प्रदेश से इस विषय में पीएचडी करने वाली पहली बेटी बन गई हैं। इस उपलब्धि पर क्षेत्र में गर्व और उत्साह का वातावरण है। उनके माता-पिता को दूर-दराज से बधाइयां मिल रही हैं।
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गेट और एसपीए दिल्ली से सफर की मजबूत नींव
हिमांशु ने राष्ट्रीय गेट परीक्षा उत्तीर्ण की और इसके बाद उन्होंने भारत के शीर्ष संस्थान योजना एवं वास्तुकला विद्यालय (एसपीए), दिल्ली से अर्बन डिजाइन में मास्टर डिग्री प्राप्त की। इससे पहले उन्होंने नगरोटा कांगड़ा के राजकीय गांधी यांत्रिकी महाविद्यालय से आर्किटेक्चर में स्नातक किया था, जिसमें उन्हें एनआईटी हमीरपुर के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था।
गांव से लेकर आईआईटी तक की प्रेरणादायक यात्रा
हिमांशु मूलतः राजगढ़ के दूरस्थ गांव कुड़िया कड़ंग से संबंध रखती हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शंकर विद्या निकेतन से प्राप्त की और फिर नवोदय विद्यालय नाहन से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। बचपन से ही मेहनती रही हिमांशु ने एनएटीए परीक्षा पास कर आर्किटेक्चर में करियर चुना और अपने मजबूत इरादों से अब शोध की ऊंचाइयों तक पहुंच गई हैं।
परिवार की प्रेरणा और बहनों की उपलब्धियां
हिमांशु के पिता प्रेम चंद चौहान राजकीय हाई स्कूल में हैडमास्टर और माता सरला चौहान केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला में सीएचटी हैं। हिमांशु की जुड़वां बहन हिमानी ने खालसा कॉलेज चंडीगढ़ से जूलॉजी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है, जबकि सबसे छोटी बहन कृति दिल्ली विश्वविद्यालय से गणित में मास्टर कर रही हैं। पिता प्रेम चंद चौहान ने अपनी तीनों बेटियों को ‘अनमोल रत्न’ बताते हुए गर्व व्यक्त किया।
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