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आईजीएमसी शिमला विवाद में डॉक्टर की बर्खास्तगी पर पांवटा साहिब में उबाल, बाजार बंद कर सौंपा ज्ञापन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 26 Dec 2025 • 1 Min Read

आईजीएमसी शिमला में मरीज-डॉक्टर विवाद के बाद की गई कार्रवाई के विरोध में पांवटा साहिब में जनआक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और डॉक्टर की बहाली की मांग को लेकर बाजार बंद रखा।

पांवटा साहिब

स्थानीय लोगों में दिखा तीखा रोष
आईजीएमसी शिमला में मरीज और डॉक्टर के बीच हुए विवाद के बाद डॉ. राघव नरूला की बर्खास्तगी के विरोध में पांवटा साहिब में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। बर्खास्त डॉक्टर के पांवटा साहिब निवासी होने के कारण स्थानीय लोग, पंजाबी बिरादरी और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया।

बाजार बंद, रैली निकालकर जताया विरोध
शुक्रवार को दोपहर तक पांवटा साहिब का बाजार बंद रखा गया। इस दौरान रोष रैली निकाली गई, जिसमें व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई को जल्दबाजी और एकतरफा बताया।

मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
प्रदर्शनकारी विधायक सुखराम चौधरी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि डॉक्टर की सेवाएं तत्काल बहाल की जाएं और मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच करवाई जाए।

वीडियो के आधार पर कार्रवाई पर सवाल
प्रदर्शनकारियों और नेताओं ने कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर 24 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। उनका तर्क था कि दोनों पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के बाद ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए था।

परिवार और समाज की पीड़ा सामने आई
प्रदर्शन के दौरान डॉ. राघव के माता-पिता भी मौजूद रहे, जिनकी आंखों में बेटे के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर पीड़ा झलक रही थी। सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि इस फैसले से पूरे चिकित्सक समुदाय में असंतोष है।

प्रशासन का जवाब
एसडीएम पांवटा साहिब ने कहा कि मामला जांच के दायरे में है। सौंपा गया ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा, ताकि सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर सके।