आपदा के बाद उम्मीद की नई किरण, धियूं गांव में राहत पैकेज से बनने लगा नया आशियाना

By हिमांचलनाउ डेस्क नाहन Published: 1 Mar 2026, 3:47 PM | Updated: 1 Mar 2026, 3:47 PM 0 min read

भारी वर्षा से घर गंवाने वाले परिवारों को प्रदेश सरकार राहत पैकेज के तहत पुनर्वास सहायता दे रही है। मंडी के धियूं गांव में धर्मपाल सिंह ने सरकारी मदद से नया मकान बनाना शुरू कर दिया है।

मंडी

आपदा के बाद पुनर्निर्माण की शुरुआत

गत वर्ष बरसात के मौसम में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बढ़ाई गई सहायता राशि अब जमीन पर नजर आने लगी है। मंडी जिला के सदर उपमंडल की ग्राम पंचायत बीर के धियूं गांव निवासी धर्मपाल सिंह उन प्रभावितों में शामिल हैं, जिनका पांच कमरों का मकान 16 अगस्त 2025 की भारी बारिश में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। साथ ही उनकी पशुशाला और करीब अढ़ाई बीघा भूमि भी बारिश की चपेट में आ गई।

सरकारी सहायता से जगी नई उम्मीद

धर्मपाल सिंह ने बताया कि आपदा के बाद उन्हें परिवार सहित रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण स्वयं मकान बनाना संभव नहीं था। प्रदेश सरकार द्वारा विशेष राहत पैकेज के तहत मकान निर्माण के लिए 7 लाख रुपये तथा घरेलू सामान के लिए 1 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। पहली किस्त के रूप में 4 लाख रुपये प्राप्त होने पर उन्होंने नए घर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। पशुशाला के लिए भी अलग से राहत राशि जारी की गई है।

राहत पैकेज में ऐतिहासिक वृद्धि

प्रदेश सरकार ने आपदा राहत राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करते हुए पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी है। इसके अतिरिक्त घरेलू सामान के लिए 1 लाख रुपये की अलग से सहायता प्रदान की जा रही है। कुल 8 लाख रुपये की यह राशि प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायक सिद्ध हो रही है।

राज्य स्तर पर जारी की गई बड़ी धनराशि

सरकार द्वारा प्रदेश भर में आपदा प्रभावित घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141.61 करोड़ रुपये तथा किराए के मकानों में रह रहे परिवारों के लिए 8.97 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। मंडी जिला में वर्ष 2025 की बरसात से प्रभावित परिवारों को गृह निर्माण एवं मरम्मत के लिए लगभग 31.81 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इनमें 717 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 19.30 करोड़ रुपये से अधिक और 1406 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 12.50 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है।