आपदा में ‘जीवन रेखा’ बनेंगे सेटेलाइट फोन: DC प्रियंका वर्मा
जिला के उपमंडल, तहसील, बांध व पुलिस विभागों को मिला सेटेलाइट फोन उपयोग का विशेष प्रशिक्षण; संचार प्रणाली को मजबूत करने पर जोर
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में आपदा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा के दिशा-निर्देशों पर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आज वर्चुअल माध्यम से एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया।
इस सत्र में जिले के सभी उपमंडल कार्यालयों, तहसीलों, उप तहसीलों, बांध अधिकारियों और पुलिस विभाग के कर्मचारियों को सेटेलाइट फोन के उपयोग की बारीकियां सिखाई गई।
संचार की अहमियत और हालिया अनुभव:
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने प्रशिक्षण के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए बताया कि आपदा जैसी विकट परिस्थितियों में सेटेलाइट फोन संचार का एक अत्यंत भरोसेमंद साधन साबित होता है। उन्होंने हाल ही में मंडी जिले में बादल फटने, बाढ़ और अत्यधिक बारिश के कारण उत्पन्न हुई स्थिति का उदाहरण दिया।

वर्मा ने कहा, “मंडी में प्राकृतिक आपदा के दौरान संचार प्रणाली में गंभीर कठिनाई देखी गई थी। ऐसे समय में मंडी प्रशासन ने सेटेलाइट फोन के माध्यम से ही राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय किया, प्रभावित क्षेत्रों का विवरण साझा किया, राहत सामग्री पहुंचाई और सूचनाओं का निर्बाध आदान-प्रदान सुनिश्चित किया।
सेटेलाइट फोन: आपदा में भरोसेमंद साथी
उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा के दौरान पारंपरिक संचार माध्यमों के बाधित होने की स्थिति में सेटेलाइट फोन ही एकमात्र विश्वसनीय विकल्प बचता है। यह विषम परिस्थितियों में भी कनेक्टिविटी बनाए रखने में सक्षम है, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी राहत कार्यों में मदद मिलती है।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों ने न केवल सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल करना सीखा, बल्कि आपदा की किसी भी परिस्थिति के लिए इसके महत्व को भी गहराई से समझा।
वर्चुअल प्रशिक्षण का सफल आयोजन:
यह वर्चुअल प्रशिक्षण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर के अरविंद चौहान (डॉक्यूमेंटेशन कोऑर्डिनेटर – संचालन), राम कुमार, और ऋषभ (स्टेशन सैटकॉम प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस सत्र में जिला सिरमौर के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और प्रशिक्षण का गहनता से लाभ उठाया।
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण जिला में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी संचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।