आपदा रक्षक पायलट परियोजना के तहत कांगड़ा में 300 स्वयंसेवकों को दिया गया प्रशिक्षण
आपदा रक्षक पायलट परियोजना के तहत जिला कांगड़ा में 600 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 300 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव तथा सामुदायिक समन्वय से जुड़े व्यावहारिक विषयों की जानकारी दी जा रही है।
धर्मशाला
300 स्वयंसेवकों को मिल चुका है प्रशिक्षण
अतिरिक्त उपायुक्त शिल्पी बेक्टा ने सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि आपदा रक्षक पायलट परियोजना के तहत जिला कांगड़ा के 12 उपमंडलों में 600 स्थानीय स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 300 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का आधा है। यह प्रशिक्षण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा के माध्यम से तकनीकी सहयोगी एवं कार्यान्वयन संस्था के साथ मिलकर संचालित किया जा रहा है। बैठक में परियोजना की प्रगति, प्रशिक्षण की वर्तमान स्थिति और आगामी चरणों की समीक्षा की गई।
संवेदनशील क्षेत्रों में आयोजित किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि अब तक इंदौरा, फतेहपुर, नूरपुर, ज्वाली, शाहपुर और धर्मशाला उपमंडलों के संवेदनशील पंचायत क्लस्टरों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन सत्रों में प्रतिभागियों को आपदा जोखिम की समझ, ग्राम स्तर पर जोखिम एवं संसाधन पहचान, प्राथमिक सुरक्षा उपाय, प्रारंभिक प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार तथा सामुदायिक समन्वय जैसे विषयों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ऐसी टीम तैयार करना है, जो आपदा की स्थिति में प्राथमिक प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो।
आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया पर जोर
परियोजना का उद्देश्य प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की ऐसी टीम तैयार करना है, जो आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में सहयोग कर सके। अधिकारियों के अनुसार इन स्वयंसेवकों की भूमिका राहत एवं बचाव कार्यों में सहायक होने के साथ-साथ प्रारंभिक सूचना संकलन, प्रभावित क्षेत्रों की पहचान और समुदाय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण होगी। इससे आपदा प्रबंधन व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।
शेष उपमंडलों में भी होगा प्रशिक्षण
बैठक में बताया गया कि आगामी सप्ताहों में देहरा, ज्वालामुखी, धीरा, जयसिंहपुर, पालमपुर तथा मुल्थान उपमंडलों में भी आपदा प्रबंधन टीमें गठित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में शेष 300 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने की योजना है, ताकि 600 स्वयंसेवकों का निर्धारित लक्ष्य पूरा किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है।
प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को वितरित किए प्रमाण-पत्र
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त शिल्पी बेक्टा ने परियोजना के तहत प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। बैठक में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के संयोजक रॉबिन कुमार, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण समन्वयक कुलदीप सिंह, जिला इंटर एजेंसी ग्रुप के संयोजक हरजीत भुल्लर तथा अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।