आयुष काढ़ा प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार – डॉ. इंदु शर्मा
Himachalnow / नाहन
आयुर्वेद चिकित्सालय नाहन व पांवटा साहिब में क्वाथ शाला आरंभ
नाहन : जिला आयुर्वेद अधिकारी सिरमौर, डॉ. इंदु शर्मा ने जानकारी दी कि आयुर्वेद चिकित्सालय नाहन और पांवटा साहिब में क्वाथ शाला प्रारंभ कर दी गई है। इन केंद्रों पर आम जनता की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आयुष काढ़ा, मधुयष्ठी कषाय और अन्य औषधीय काढ़े तैयार कर पिलाए जा रहे हैं।
आयुर्वेद में काढ़े का महत्व
डॉ. शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद में काढ़े का विशेष महत्व है, जिसका उपयोग प्राचीन काल से रोगों की रोकथाम और उपचार के लिए किया जाता रहा है। काढ़ा औषधीय जड़ी-बूटियों के मिश्रण को पानी में धीमी आंच पर लंबे समय तक उबालने के बाद तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद प्राप्त किया गया फिल्टर्ड काढ़ा विभिन्न खुराक रूपों में या सीधे दवा के रूप में उपयोग किया जाता है।
आयुष काढ़ा के औषधीय गुण
आयुष काढ़े में तुलसी, दालचीनी, सौंठ और काली मिर्च जैसे प्राकृतिक तत्व शामिल होते हैं। यह काढ़ा प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है और नाक, गले व श्वसन संबंधी समस्याओं के उपचार में फायदेमंद सिद्ध होता है।