इंतजार खत्म: हर्षवर्धन चौहान को मिला उद्योग विभाग, जाने किसे कौन-सा विभाग मिला…
HNN /शिमला
हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्रियों को विभागों का आवंटन कर दिया गया है। किए गए विभाग आवंटन में इस बार सिरमौर को भी प्रतिनिधित्व मिला है। शिलाई से पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी को हराने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक हर्षवर्धन चौहान को उद्योग विभाग संसदीय कार्य और आयुष विभाग का बड़ा जिम्मा मिला है।
वही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पास वित्त, सामान्य प्रशासन, गृह, योजना, कार्मिक और अन्य सभी विभाग रखे हैं जो मंत्रियों को नहीं दिए गए हैं।
उप- मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के पास जलशक्ति विभाग, परिवहन, भाषा, संस्कृति एवं कला विभाग रहेंगे।कैबिनेट मंत्री धनीराम शांडिल के पास स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, श्रम एवं रोजगार विभाग रहेंगे। कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार के पास कृषि और पशुपालन विभाग रहेंगे।
वहीं किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी को राजस्व, बागवानी और जनजातीय विकास विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। जबकि रोहित ठाकुर को उच्च शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, वोकेशनल और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग विभाग दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह को लोक निर्माण और युवा सेवाएं एंव खेल विभाग दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सीपीएस बने संजय अवस्थी को अपनी निगरानी में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का जिम्मा सौंपा है। जहां मंत्रियों को डिपार्टमेंट्स और सीपीएस को जिम्मेवारी दी गई है वही कांग्रेस सरकार ने अब बोर्ड और निगमों पर भी छक्का पंजा बिठाना शुरू कर दिया है।
कांगड़ा के केंद्रीय सहकारी बैंक से शुरुआत करते हुए हमीरपुर के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानिया को केंद्रीय सहकारी बैंक धर्मशाला का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री के नजदीकी माने जाने वाले नाहन के विधायक अजय सोलंकी को बोर्ड अथवा निगम में महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी जा सकती है।
उधर हर्षवर्धन चौहान की सरकार में महत्वपूर्ण ताजपोशी को लेकर सिरमौर में खुशी की लहर है। तो वही उद्योग जगत को भी एक सुलझे हुए काबिल मंत्री का साथ मिला है। हालांकि पूरे प्रदेश भर में इंडस्ट्री के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और इन्वेस्टर्स को प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए आकर्षित करना हर्षवर्धन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
बावजूद इसके माना यह भी जा रहा है कि जिस योजना के तहत हर्षवर्धन चौहान ने औद्योगिक विकास को लेकर योजनाओं का खाका बनाया है निश्चित ही उससे एक बार फिर प्रदेश में उद्योग विभाग मजबूत होगा।
यही नहीं प्रदेश में लंबे समय से हाशिए पर चल रहे आयुष विभाग को भी संजीवनी मिलने के आसार बन गए हैं। संभवत हर्षवर्धन चौहान इको टूरिज्म के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग के के तत्वाधान में मेडिकेटेड वैलनेस सेंटर तथा नेचुरल केयर सेंटर खोलकर युवाओं को रोजगार के नए जरिए भी बनाएंगे।
कुल मिलाकर कहा जाए तो जहां हर्षवर्धन सिंह चौहान को स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा सौंपा जाने की चर्चा चल रही थी वही अब स्वास्थ्य विभाग का भी भाग आयुष तथा संसदीय कार्य एवं उद्योग विभाग का जिम्मा सौंप कर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी टीम को व्यवस्था परिवर्तन के लिए मजबूत किया है।