ई-बुक्स से जोड़ें नई पीढ़ी को- कुलपति डॉ. डी.के.वत्स
पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित
HNN/कांगड़ा
चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में कृषि विश्वविद्यालयों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) संस्थानों के पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए एक दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उद्घाटन भाषण में मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. डी.के.वत्स ने कहा कि पुस्तकालयों से संसाधनों के ऑनलाइन उपयोग को छात्रों, वैज्ञानिकों और अन्य पाठकों के बीच लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन किताबों, गुणवत्तापूर्ण शोध पत्रिकाओं, थीसिस और अन्य संसाधनों का विशाल भंडार है, जिसे पाठक अपने दुनिया में कहीं से भी प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को किताबों से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया क्योंकि युवा सटीक व संक्षिप्त, रोचकता से भरपूर जानकारी पढ़ने के लिए उत्सुक रहते हैं।

डॉ. वत्स ने कहा कि नए विचारों और नवाचारों के माध्यम से पुस्तकालयों में पाठकों की संख्या बढ़ाने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। कुलपति ने कहा कि शोधकर्ता के पास कृषक समुदाय की प्रभावी ढंग से सेवा करने के लिए वैश्विक दृष्टिकोण होना चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिकों से भी सशक्त होने के लिए कहा जिससे वह ई-संसाधनों जैसे आधुनिक माध्यमों से अधिकतम ज्ञान प्राप्त करके किसान उपयोगी नए कौशल और ज्ञान को प्राप्त कर सकते हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के लाइब्रेरियन डॉ. एच. के. त्रिपाठी ने शोध के लिए ऑनलाइन संसाधन ‘सेरा‘ के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि यह कृषि विज्ञान के क्षेत्र में सबसे बड़ा समूह है। मेजबान विश्वविद्यालय के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. आर.के. कपिला ने बताया कि प्रशिक्षण में 25 संस्थानों के लगभग 50 पुस्तकालयाध्यक्षों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
उन्होंने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में उपलब्ध दुर्लभ पुस्तकों और अन्य समृद्ध संसाधनों के बारे में विस्तार से बताया। इंफॉर्मेटिक्स पब्लिशिंग लिमिटेड के क्षेत्रीय ब्रिकी विक्रय प्रबंधक डा. संदीप शर्मा ने प्रशिक्षुओं को जे-गेट के बारे में जागरूक किया।उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के संविधिक अधिकारी, वैज्ञानिक और विद्यार्थी भी शामिल हुए।