ऊना/वीरेंद्र बन्याल
प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आर्थिकी को सशक्त बनाने के प्रयासों में जुटी है। इसी क्रम में शनिवार को रामपुर और टकारला अनाज मंडियों में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू की गई।
कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत नागरिक आपूर्ति निगम ने पहले दिन ऊना जिला के 24 किसानों से लगभग 200 क्विंटल गेहूं की खरीद की। उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि किसानों को उनकी फसल की रसीदें दी गईं और भुगतान राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
कृषि में प्राकृतिक विधि से बढ़ा मुनाफा
जिला ऊना में वर्तमान में 16 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हुए हैं और लगभग 2 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। किसानों ने 5 किस्मों की गेहूं का उत्पादन किया है, जिसे 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है।
किसानों के अनुभव: बढ़ी आय, घटा खर्च
हरोली के अखिल राणा, हम्बोली की रमा कुमारी और टकारला के प्रकाश चंद शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक खेती से उनकी आय में इजाफा हुआ है। वहीं वनगढ़ की किसान कृष्णा देवी ने कहा कि पहले रासायनिक खाद से तैयार गेहूं 25 रुपये प्रति किलोग्राम बिकती थी, जबकि अब प्राकृतिक गेहूं 62 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।

