एक ईंट, एक रुपये’ की परंपरा में छिपा है आत्मनिर्भर और समरस समाज का मंत्र: डॉ. बिंदल
महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी प्रासंगिक, सहयोग और समानता से ही मजबूत होगा समाज
हिमाचल नाऊ न्यूज सोलन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने समाज को ऐसा आदर्श दिया, जिसमें आर्थिक संपन्नता से अधिक महत्व आपसी सहयोग, समानता और सामाजिक समरसता को दिया गया। उनकी ‘एक ईंट, एक रुपये’ की परंपरा केवल सहायता का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को साथ लेकर आगे बढ़ने और सामूहिक भागीदारी से समृद्धि का रास्ता तैयार करने की प्रेरणा है।
डॉ. राजीव बिंदल सोलन में अग्रवाल सभा की ओर से महाराजा अग्रसेन जयंती और नवरात्रि के अवसर पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन के विचार आज भी समाज को एकजुट करने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करते हैं। उनका जीवन संदेश देता है कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनता है, तभी वास्तविक सामाजिक समरसता स्थापित होती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। समाज की मजबूती केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी निभाने, सहयोग की भावना विकसित करने और सामूहिक प्रयासों से आती है। ‘एक ईंट, एक रुपये’ की परंपरा इसी सोच का उदाहरण है, जिसमें हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है।
डॉ. बिंदल ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
उन्होंने महाराजा अग्रसेन जयंती एवं नवरात्रि समारोह के सफल आयोजन के लिए अग्रवाल सभा, सोलन के पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई दी। साथ ही समाज सेवा, परस्पर सहयोग और सामाजिक एकता के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।