सेवा, संस्कार और अनुशासन की सीख देकर संपन्न हुआ सात दिवसीय एनएसएस शिविर
उप मंडल अम्ब के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रपोह मिसरां में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। सात दिनों तक चले इस शिविर ने विद्यार्थियों को सेवा, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व समझाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आपसी सहयोग और सामूहिक कार्य भावना को भी सुदृढ़ किया। समापन समारोह के दौरान स्वयंसेवियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने शिविर के दौरान अर्जित अनुभवों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाजहित में योगदान देने का संकल्प लिया।
ऊना/अम्ब/वीरेंद्र बन्याल
समापन समारोह में बीडीसी सदस्य सुभाष मेहता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि ग्राम पंचायत रपोह मिसरां के उपप्रधान दिनेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर सामाजिक सेवा, नैतिक मूल्यों, समूह नेतृत्व और आपसी समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए गए। वक्ताओं ने स्वयंसेवियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाना भी है। समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब युवा वर्ग सेवा भावना के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करे।
शिविर के दौरान स्वयंसेवियों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मिल-जुलकर कार्य करने, अनुशासन का पालन करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामूहिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास भी कराया। एनएसएस शिविर ने उन्हें यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयासों और सकारात्मक सोच के माध्यम से भी समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले अतिथियों, शिक्षकों और स्वयंसेवियों का आभार व्यक्त किया। वहीं, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मुकेश कुमार ने सभी सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए शिविर के दौरान स्वयंसेवियों की सक्रिय भागीदारी और समर्पण की सराहना की।
सात दिवसीय एनएसएस शिविर का समापन विद्यार्थियों के मन में सेवा भावना, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व के मजबूत संकल्प के साथ हुआ।