एनडीपीएस मामले में दो दोषियों को 10-10 साल की सजा, एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
पांवटा में वर्ष 2021 में पकड़े गए थे प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल, विशेष न्यायाधीश-2 नाहन की अदालत का फैसला
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
जिला सिरमौर में नशे के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच एनडीपीएस अधिनियम के एक महत्वपूर्ण मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश-2 नाहन गौरव महाजन की अदालत ने वर्ष 2021 में पांवटा साहिब थाना में दर्ज एनडीपीएस मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोनों दोषियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार 20 नवंबर 2021 की शाम को पांवटा साहिब थाना में तैनात जांच अधिकारी एवं मुख्य आरक्षी ओम प्रकाश अपनी पुलिस टीम के साथ गोविंदघाट के समीप चेक पोस्ट पर मौजूद थे। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर ट्रैफिक जांच के दौरान कुल्हाल की ओर से आ रही एक स्विफ्ट कार को जांच के लिए रोका गया।
पुलिस जांच के दौरान कार में हिमांशु शर्मा निवासी बरोटीवाला और संदीप कुमार निवासी रामपुरघाट सवार पाए गए। तलाशी के दौरान चालक और सहचालक सीट के नीचे से प्लास्टिक की दो थैलियां बरामद की गईं। जांच में एक थैली से 236 और दूसरी से 242 नशीले कैप्सूल बरामद हुए।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने इन कैप्सूलों को पेट दर्द की दवा बताया था, लेकिन जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बरामद कैप्सूल एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं।
मामले की जांच मुख्य आरक्षी ओम प्रकाश ने की, जो वर्तमान में जिला बिलासपुर में उप निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जबकि मामले की पैरवी लोक अभियोजक रश्मि शर्मा द्वारा की गई।अदालत के फैसले को जिले में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।