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एलपीजी कोटा 70 प्रतिशत होने से उद्योग और होटल कारोबार को राहत, नई नीति लागू……….

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 29 Mar 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाकर सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। इससे होटल, ढाबों और उद्योगों को गैस की उपलब्धता में राहत मिलेगी। नए बदलाव के बाद अधिक संस्थानों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

शिमला

सरकार के फैसले से व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत

प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के कोटे को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया है। इस निर्णय के बाद होटल, ढाबे, रेस्तरां और विभिन्न उद्योगों को गैस की आपूर्ति पहले की तुलना में काफी अधिक मिलेगी। अधिसूचना जारी होने के बाद बद्दी स्थित गैस प्लांटों में सिलेंडर रिफिलिंग भी तेज कर दी गई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है।

होटल और ढाबों के कोटे में सबसे अधिक बढ़ोतरी

सरकार ने कोटे के वितरण में बदलाव करते हुए होटल, ढाबे, रेस्तरां, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और डेयरी सेक्टर को प्राथमिकता दी है। इन संस्थानों को अब 43 प्रतिशत तक सिलेंडर आवंटित किए जाएंगे, जो पहले 36 प्रतिशत थे। वहीं शिक्षण संस्थानों और अन्य श्रेणियों के कोटे में आंशिक कटौती कर संतुलन बनाया गया है ताकि जरूरतमंद क्षेत्रों को अधिक आपूर्ति मिल सके।

नए उद्योगों को भी मिला गैस आवंटन का लाभ

इस नई नीति के तहत कई ऐसे उद्योगों को भी शामिल किया गया है जिन्हें पहले गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे थे। अब स्टील, ऑटोमोबाइल, वस्त्र रंग रसायन और प्लास्टिक उद्योगों सहित 500 से अधिक इकाइयों को इसका लाभ मिलेगा। इससे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है और उत्पादन में भी सुधार होगा।

आपूर्ति क्षमता में हुआ बड़ा इजाफा

प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 6000 व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता रहती है, लेकिन पहले सीमित कोटे के कारण केवल करीब 1200 सिलेंडर ही उपलब्ध हो पाते थे। अब कोटा बढ़ने के बाद लगभग 4000 से अधिक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बाजार में गैस की कमी दूर होने की उम्मीद है।

पंजीकरण अनिवार्य और निगरानी भी सख्त

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिलेंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं का गैस कंपनियों में पंजीकृत होना अनिवार्य होगा। साथ ही जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश दिए गए हैं कि तय कोटे से अधिक वितरण न हो और पूरी प्रक्रिया पर सख्त निगरानी रखी जाए।