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कब है काल भैरव जयंती? जानिए महाकाल को प्रसन्न करने के उपाय

PRIYANKA THAKUR 14 Nov 2022 Edited 14 Nov 1 min read

HNN / नाहन

हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के कृष्ण की अष्टमी तिथि को काल भैरव जयंती मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान काल भैरव का अवतरण हुआ था। धार्मिक ग्रंथों में काल भैरव भगवान को शिव जी का रौद्र स्वरूप बताया गया है। भक्तों के लिए काल भैरव दयालु, कल्याण करने वाले और शीघ्र ही प्रसन्न होने वाले देव माने जाते हैं। लेकिन अनैतिक कार्य करने वालों के लिए ये दंडनायक हैं।

इन उपायों से प्रसन्न होंगे काल भैरव
शास्त्रों में काल भैरव का वाहन कुत्ता माना गया है। कहा जाता है कि यदि काल भैरव को प्रसन्न करना है, तो इनकी जयंती के दिन काले कुत्ते को भोजन खिलाना चाहिए। वहीं, जो इस दिन मध्यरात्रि में चौमुखी दीपक लगाकर भैरव चालीसा का पाठ करता है, उसके जीवन में राहु के अशुभ प्रभाव कम हो जाते हैं।

काल भैरव जयंती 2022 तिथि व मुहूर्त
काल भैरव जयंती
– बुधवार, 16 नवंबर 2022
अष्टमी तिथि आरंभ– बुधवार 16 नवंबर 2022, सुबह 05 बजकर 49 मिनट पर
अष्टमी तिथि का समापन– गुरुवार 17 नवंबर 2022, सुबह 07 बजकर 57 मिनट तक