कांगड़ा-शिमला फोरलेन पर टोल टैक्स शुरू, रानीताल टोल प्लाजा से गुजरना अब पड़ेगा महंगा
कांगड़ा
आज से लागू हुआ टोल सिस्टम, FASTag न होने पर देना होगा दोगुना शुल्क
रानीताल के पास घट्टा में बना टोल प्लाजा
कांगड़ा जिले में बन रहे मटौर-शिमला फोरलेन पर 12 जून से टोल वसूली शुरू हो गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा रानीताल के समीप घट्टा में टोल प्लाजा स्थापित किया गया है, जहां से वाहनों से शुल्क लिया जा रहा है। यह टोल वसूली सुबह 8 बजे से शुरू हुई। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपना FASTag अपडेट रखें, क्योंकि बिना FASTag वाले वाहनों से दोगुना टोल लिया जाएगा।
भंगवार से कांगड़ा बाईपास तक लागू होगी टोल अदायगी
हालांकि फोरलेन का भंगवार से कछियारी तक का हिस्सा रियुंड खड्ड पर पुल निर्माण के चलते अधूरा है, फिर भी अब तक बने हिस्से पर टोल वसूली शुरू हो चुकी है। स्थानीय पंजीकृत वाहनों के लिए मासिक पास की सुविधा उपलब्ध है।
वाहनों के लिए निर्धारित टोल दरें
- जीप, वैन, हल्के वाहन:
- एकतरफा: ₹25
- दोनों तरफ: ₹35
- मासिक पास: ₹790
- हल्के वाणिज्यिक वाहन, मिनी बस:
- एकतरफा: ₹40
- दोनों तरफ: ₹55
- मासिक पास: ₹1275
- बस और ट्रक (दो-एक्सल):
- एकतरफा: ₹80
- दोनों तरफ: ₹120
- मासिक पास: ₹2675
- तीन-एक्सल वाहन:
- एकतरफा: ₹90
- दोनों तरफ: ₹130
- मासिक पास: ₹2920
- भारी निर्माण मशीनरी और मल्टी-एक्सल वाहन:
- एकतरफा: ₹125
- दोनों तरफ: ₹190
- मासिक पास: ₹4195
- ओवरसाइज़्ड वाहन:
- एकतरफा: ₹155
- दोनों तरफ: ₹230
- मासिक पास: ₹5110
पर्यटकों और स्थानीय लोगों पर असर
यह टोल प्लाजा शिमला और धर्मशाला जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण फोरलेन पर स्थित है, जिसका सीधा असर न केवल स्थानीय लोगों पर पड़ेगा बल्कि धर्मशाला और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले पर्यटकों पर भी पड़ेगा। पंजाब के जालंधर और होशियारपुर से आने-जाने वाले वाहनों को भी अब टोल शुल्क देना होगा।