कृषि बुद्धिमत्ता से ही भारत बनेगा विकसित , किसानों को मिले प्रत्यक्ष सहायता/ धनखड़
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एग्रीकल्चर इंटेलिजेंस ही ऐसे माध्यम हैं जो ग्रामीण व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे
सोलन
वाईएस परमार विश्वविद्यालय में छात्रों को किया संबोधित, ग्रामीण भारत में क्रांति का आह्वान
कृषि से ही राष्ट्र का उत्थान संभव
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोलन स्थित डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के विकसित होने का रास्ता सीधे किसान के खेत से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि कृषि को सिर्फ अन्नदाता तक सीमित न रखकर उसे भाग्य विधाता के रूप में देखा जाना चाहिए।
Artificial Intelligence की नहीं, Agriculture Intelligence की जरूरत
उपराष्ट्रपति ने युवाओं को AI यानी Artificial Intelligence से पहले Agriculture Intelligence को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए कृषि बुद्धिमत्ता अत्यंत आवश्यक है और यही सच्चा विकास का मार्ग है।
सीधी सहायता से मिलेगा ज्यादा लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों को मिलने वाली 6000 रुपये की सहायता को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिवर्ष किया जा सकता है, यदि सभी अप्रत्यक्ष सब्सिडी को सीधे किसानों को दिया जाए। उन्होंने फर्टिलाइज़र सब्सिडी को भी सीधा करने की पैरवी की जिससे किसान स्वयं यह तय कर सके कि कौन सा खाद उपयुक्त है।
ग्रामीण उद्यमिता की फौज खड़ी करने की जरूरत
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित उद्यमों की ट्रेनिंग देकर उन्हें उद्यमी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के किसानों की आमदनी अधिक इसलिए है क्योंकि सरकारी मदद सीधे उन्हें मिलती है।
खेत पर ही मूल्य संवर्धन जरूरी
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज गांवों में फल-सब्जी शहरों से आना शर्मनाक स्थिति है। टमाटर की अधिक पैदावार होने पर उसे सड़क पर फेंकना समाधान नहीं है, बल्कि खेतों के पास ही मूल्य संवर्धन और प्रोसेसिंग इकाइयों की आवश्यकता है।
महिला भागीदारी और भारतीय नेतृत्व पर गर्व
धनखड़ ने गर्व से कहा कि आज दुनिया की बड़ी संस्थाओं में भारतीय नेतृत्व कर रहे हैं और महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है।
कार्यक्रम में रहे कई गणमान्य मौजूद
इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।