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क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र धौलाकुआं में गाजर घास उखाड़ रोपा गेंदा

Ankita • 10 Jul 2024 • 1 Min Read

HNN/ नाहन

डा. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र धौलाकुआं में बुधवार को गाजर घास उन्मूलन दिवस मनाया गया।

इस अभियान में केंद्र के समस्त वैज्ञानिकों समेत कार्यालय व फील्ड स्टाफ के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अनुसंधान केंद्र की सह-निदेशक डा. प्रियंका ठाकुर ने बताया कि इस घास को फूल आने और झड़ने से पहले ही जड़ समेत उखाड़ देना चाहिए।

वैज्ञानिक डा. संजीव सन्याल ने इस पौधे की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह एक खरपतवर है, जिससे सांस जैसी समस्याएं यानी अस्थमा होता है और चर्म रोग का भी कारण बनता है। डा. प्रियंका ठाकुर ने बताया कि इस घास की रोकथाम के लिए गेंदा व केशिया टोरा जैसे पौधे रोपित करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसको ध्यान में रखते हुए पूसा बसंती, पूसा नारंगी, पंजाब नंबर वन व अन्य फ्रेंच गेंदे की किस्में भी अनुसंधान के कर्मचारियों ने रोपित की। उन्होंने बताया कि ‘गाजर घास उन्मूलन दिवस’ विश्वविधालय के दिशा-निदेर्शों का पालन करते हुए मनाया गया है।