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गलतफहमी के कारण खूनी संघर्ष में बदला ताजिए का जुलूस

Ankita • 17 Jul 2024 • 1 Min Read

अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष सहित 10 लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज

HNN/ नाहन

नाहन में मोहर्रम के उपलक्ष पर निकला गया ताजिए का जुलूस गलतफहमी के कारण खूनी संघर्ष में बदल गया। मौका व पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह 3:00 बजे के आसपास शिया समुदाय के द्वारा रानी ताल मोहल्ला नाहन में मोहर्रम के उपलक्ष पर ताजिया के जुलूस की तैयारी चल रही थी। इससे पहले यह भी बताना जरूरी है कि नाहन शहर में ताजिया के साथ जुलूस निकालते हुए मातम मनाने की परंपरा है।

ताजिए की तमाम व्यवस्था और नियमों को लेकर अंजुमन इस्लामिया इसकी जिम्मेदारी निभाता है। शहर की छह मस्जिदों के इमाम तथा नगर प्रशासन की ओर से एसडीएम नाहन के द्वारा जारी हुई गाइडलाइन को बताने के लिए अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष बॉबी अहमद रानीताल ताजियों के पास पहुंचे। बॉबी अहमद ने समुदाय के लोगों को बताया कि इस बार ना तो खूनी मातम मनाया जाएगा और ना ही किसी तरह का हथियार लेकर जुलूस में चला जाएगा।

दो वर्गों में बंटी समुदाय के एक पक्ष ने भीड़ में यह शगुफा छोड़ दिया कि अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष ताजिया को प्रतिबंधित करवाना चाहते हैं। गलतफहमी का शिकार हुए लोगों ने अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष बॉबी अहमद के साथ रानीताल मस्जिद के समीप धक्का-मुक्की करनी शुरू कर दी। इस दौरान दो पक्षों में बांटे समुदाय में हल्की-फुल्की हाथापाई के साथ नोक-झोंक भी हुई। बॉबी अहमद के द्वारा लोगों को बार-बार बताया गया कि यह लिया गया फैसला उनका अकेले का नहीं है।

उन्होंने बताया कि एसडीएम नाहन के द्वारा 6 मस्जिदों के इमाम वह अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष के साथ हुए विचार विमर्श के बाद खूनी मातम की जगह शांतिपूर्वक ढंग से मातम का जुलूस निकालने के लिए आदेश पारित किए गए थे। अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष के द्वारा आदेश के पैरा नंबर 5 का उल्लेख भी किया गया। बावजूद इसके बढ़ते हुए तनावपूर्वक माहौल को देखते हुए बॉबी अहमद मौके से चले गए।

वहीं जैसे ही शहर के मुस्लिम वर्ग को पता चला कि अंजुमन इस्लामिया के प्रधान के साथ बदतमीजी की गई है उसके बाद मामला और तूल पकड़ गया। बावजूद इसके बॉबी अहमद की राय पर समुदाय के मोअज्जि लोगों के द्वारा मामले को खत्म करने के लिए काका उर्फ सोहेल को माफी मांगने के लिए लालटेन चौक पर बुलाया गया। बॉबी अहमद के द्वारा यह भी भरोसा दिया गया था कि लालटेन चौक आने पर कोई भी व्यक्ति सोहेल के साथ मारपीट अथवा गाली-गलौज नहीं करेगा।

बावजूद इसके माफी मांगने आए काका उर्फ सोहेल व उसके साथ आए ताहिर अकबर आदि के साथ भीड़ ने मार पिटाई शुरू कर दी। देखते ही देखते दो गुटों में बंटे समुदाय में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। इस मारपीट में ताहिर के नाक पर गंभीर चोट आई जबकि अन्य तीन लोगों के सर में और शरीर पर हल्की-फुल्की चोटें आई। अब यदि मौके पर पुलिस ना होती तो यह मामला और गंभीर हो सकता था।

बावजूद इसके पुलिस के द्वारा बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया गया। झगड़े में घायल हुए तीन लोगों को तुरंत नाहन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। पुलिस के द्वारा सभी घायलों के मेडिकल करवाए गए। सभी घायलों को ट्रीटमेंट देने के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। पुलिस के द्वारा भीड़ में शामिल 10 लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू की गई है।

जानकारी तो यह भी मिली है कि यह मामला अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हार जीत को लेकर पहले से ही शुरू हो चुका था। जिस पर बॉबी अहमद का कहना है कि उनके द्वारा ना तो मातम के लिए मना किया गया था और ना ही मोहर्रम का जुलूस निकालने को लेकर किसी भी तरह के प्रतिबंध की बात की गई थी। उन्होंने कहा कि जो भी निर्णय लिया गया था वह प्रशासन के द्वारा ही लिया गया था।

उधर, एडिशनल एसपी योगेश रोल्टा ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि इस झगड़े में तीन लोगों को हल्की-फुल्की चोटे आई हैं। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के नाक पर काफी चोट लगी है। मगर सभी को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण में अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष बॉबी अहमद सहित 10 लोगों के खिलाफ अंतर्गत धारा 147, 148 आईपीसी में दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

वहीं एसडीएम नाहन सलीम आजम ने बताया कि इमाम तथा अंजुमन इस्लामिया के साथ विचार विमर्श कर खूनी मातम के लिए मनाही की गई थी। उन्होंने कहा कि जुलूस अथवा मातम निकलने को लेकर प्रतिबंध की कोई बात नहीं हुई थी।