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गारंटियों की सरकार नहीं, टैक्सों की सरकार बन गई कांग्रेस : अनुराग ठाकुर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 26 Mar 2026 Edited 26 Mar 1 min read

Himachalnow / शिमला

डीजल पर वैट के बाद अब पेट्रोल-डीजल पर सेस की तैयारी, जनता की जेब पर डाका : भाजपा

शिमला

हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर संभावित सेस को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो सरकार 2022 में गारंटियों के दम पर सत्ता में आई थी, वही अब जनता पर टैक्सों का बोझ डालने वाली सरकार बनकर रह गई है।

शिमला में जारी बयान में अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन सत्ता में आते ही राहत देने के बजाय जनता की जेब पर वार करना शुरू कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार “गारंटियों की सरकार” नहीं, बल्कि “टैक्सों की सरकार” साबित हुई है।

डीजल पर वैट के बाद अब सेस पर घिरी सरकार

अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पहले ही डीजल पर वैट बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाल चुकी है और अब पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही यह कह रही हो कि सेस अभी लागू नहीं हुआ, लेकिन जब सरकार की नीयत ही टैक्स लगाने की बन चुकी है, तो जनता को आशंका होना स्वाभाविक है।

उन्होंने साफ कहा कि यदि सरकार पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश करती है तो भाजपा इसका सड़कों से लेकर सदन तक विरोध करेगी।

“जनता परेशान, सरकार चहेतों को खुश करने में व्यस्त”

भाजपा सांसद ने कांग्रेस सरकार पर अपने करीबी नेताओं और पदाधिकारियों को लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ आम आदमी महंगाई, बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार चेयरमैनों की सुविधाएं बढ़ाने, वेतन में इजाफा करने और सत्ता से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि यही कांग्रेस का असली चेहरा है, जहां जनता से वसूली और अपने लोगों पर मेहरबानी एक साथ चल रही है।

किसानों, ट्रांसपोर्ट और आम आदमी पर पड़ेगा सीधा असर

उन्होंने सरकार के उस तर्क को भी खारिज किया कि ईंधन पर अतिरिक्त बोझ केवल कारोबार या सीमित वर्ग पर पड़ेगा। अनुराग ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का असर सीधे आम जनता, किसानों, ट्रक ऑपरेटरों, टैक्सी चालकों, छोटे व्यापारियों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।

उनके अनुसार ईंधन महंगा होने का मतलब है कि बाजार में हर चीज महंगी होगी और अंततः इसका सीधा असर आम परिवार की रसोई और जेब पर पड़ेगा।

“एक लाख करोड़ से ऊपर कर्ज, फिर भी राहत नहीं”

राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही भारी कर्ज के बोझ तले दब चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह विफल रही है और जनता पर नए कर थोपकर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वित्तीय हालात संभाले नहीं जा रहे तो वित्त विभाग किसी सक्षम व्यक्ति को सौंप देना चाहिए।

भाजपा ने दी सीधी चेतावनी

अनुराग ठाकुर ने साफ कहा कि कांग्रेस सरकार को नई टैक्स नीति लाने के बजाय अपनी चुनावी गारंटियों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा हिमाचल की जनता के साथ खड़ी है और किसी भी हालत में पेट्रोल-डीजल पर नया बोझ नहीं पड़ने देगी।

राज्य में ईंधन पर संभावित सेस को लेकर सियासत अब और तेज होने के संकेत हैं। भाजपा ने इसे सीधे “जनता की जेब पर हमला” बताया है, जबकि कांग्रेस सरकार पर अब विपक्ष के साथ-साथ आम लोगों की नजर भी टिकी हुई है।