गिरते तापमान से झरने और झीलों का पानी जमा, लोगों सहित जीव-जंतुओं की…

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HNN/ कुल्लू

हिमाचल प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो चुकी है। हालांकि मैदानी क्षेत्रों में लोगों को ठंड से राहत मिल रही है परंतु प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में इन दिनों लोगों का ठंड से हाल बेहाल है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारा शून्य से नीचे उतरने लगा है। तापमान में लगातार गिरावट आने से झरने और झीलों का पानी पूरी तरह से जम चुका है जिससे न केवल लोगों बल्कि जीव-जंतुओं की भी दुविधा बढ़ गई है।

इतना ही नहीं जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल पाइपें जाम हो गई है जिससे लोगों को पीने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है। लाहौल-स्पीति जिले के राशेल गांव के समीप झरना जमकर ठोस बर्फ में बदल गया है। बता दें, लाहौल व मनाली की झीलें, झरने व नालों का पानी जम गया है और नदियों का जलस्तर गिर गया है। तापमान में लगातार गिरावट होने से चंद्रताल झील, सूरजताल झील, दीपकताल व पट्टन घाटी की नीलकंठ झील भी जम गई है।

स्पीति की ढंखर झील भी जम गई है। जिला कुल्लू के रोहतांग दर्रे के समीप दशोहर झील व भृगु झील का भी यही हाल है। लाहौल-स्पीति सहित मनाली के झरने व मनाली-रोहतांग मार्ग के गुलाबा और ग्रांफू पर्यटन स्थल से ऊपर के सभी नालों में पानी जम गया है। उधर, पहाड़ में पानी जमते ही वन्य जीव-जंतुओं की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें प्यास बुझाने के लिए रिहायशी इलाकों के समीप नदी-नालों का रुख करना पड़ रहा है।