गौसदनों के बेहतर संचालन के लिए डीसी ने लॉन्च किया ‘गौ सेवा नारायण सेवा पोर्टल’
कांगड़ा जिला में संचालित गौसदनों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘गौ सेवा नारायण सेवा पोर्टल’ की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक सीधे आर्थिक सहयोग कर सकेंगे और प्राप्त राशि के उपयोग का वार्षिक विवरण सार्वजनिक रहेगा।
कांगड़ा
गौसदनों में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने की पहल
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने डीसी कार्यालय के सभागार में गौ सेवा नारायण सेवा पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला में 24 गौसदन और चार गौ-अभ्यारण्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 1802 बेसहारा गौवंश को आश्रय दिया गया है।
पोर्टल से आर्थिक सहयोग और पारदर्शिता पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि आम जनमानस इस पोर्टल के माध्यम से गौसदनों के संचालन के लिए आर्थिक सहयोग कर सकता है। साथ ही पोर्टल के जरिए प्राप्त धनराशि के खर्च का वार्षिक विस्तृत ब्योरा ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे।
गौसदनों के विस्तार का मार्ग होगा प्रशस्त
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे इस पोर्टल के माध्यम से सहयोग करें, ताकि कांगड़ा जिला में गौसदनों का विस्तार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि गौवंश को बेसहारा छोड़ना एक गंभीर सामाजिक समस्या है और इसके समाधान के लिए सरकार के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी आवश्यक है।
गौपाल योजना और सुविधाओं में वृद्धि
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गौसेवा आयोग की गौपाल योजना के तहत प्रति गौवंश दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 700 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रतिमाह कर दी है। इसके अलावा कांगड़ा जिला में नए गौसदन और गौ-अभ्यारण्य स्थापित करने का कार्य भी जारी है।
बायोगैस, पशु चिकित्सा और तस्करी पर सख्ती
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के सहयोग से गौसदनों और गौ-अभ्यारण्यों में बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे। पशुपालन विभाग को नियमित पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने और उचित अभिलेख रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीमावर्ती राज्यों से पशु तस्करी और आवारा पशु छोड़ने के मामलों में पुलिस को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
कार्यक्रम से पूर्व पशुपालन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को पोर्टल के उपयोग को लेकर विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग और एनआईसी के अधिकारी उपस्थित रहे।