चम्वोआ, चडोली के जंगलों में लगी आग, जंगली जानवर व वन संपदा को भारी नुकसान

HNN/ऊना/वीरेंद्र बन्याल

वन परिक्षेत्र बंगाणा के जंगलों में आग ने ऐसा तांडव मचाया है कि करोड़ों की वन संपदा खाक हो चुकी है। वन भूमि में सड़के न होने के चलते अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी नहीं पहुंच सकती। ऐसे में एक ही तरीका है खुद ही आग को बुझाने का।

वन परिक्षेत्र बंगाणा के अधीन तलमेहडा से नलवाड़ी सड़क के मध्य गांव चम्वोआ, चडोली व ठठूंह के जंगल में पिछले दो दिनों से आग बढ़ गई है। आग की चपेट में आने से सैकड़ों जीव जंतु जलकर राख हो गए। इसके साथ ही वन संपदा को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

दो दिनों से धधक रही है आग

गौरलतब है कि वन परिक्षेत्र बंगाणा के अंतर्गत बीते दो दिनों से आग लगी हुई है। बीते सोमवार देर रात को गांव चडोली के रिहायशी घरों तक आग फैल गई थी, जिस पर स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग के द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया।

वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आग पर काबू पाने की कोशिश जारी

जंगल में भड़की आग पर काबू पाने के लिए तलमेहडा बीट के बीओ विकास कौशल, वनरक्षक बृजेश राणा व उनकी टीम द्वारा पिछले दो दिनों से भड़की आग पर काबू पाने के लिए दिन-रात आग बुझाने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि वन विभाग के पास सीमित संसाधन होने के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है।

क्या कहते हैं वन परिक्षेत्र बंगाणा के रेंज ऑफिसर

इस संदर्भ में बन परिक्षेत्र बंगाणा के रेंज ऑफिसर अंकुश आनंद का कहना है कि हर क्षेत्र में वन विभाग की टीमें गठित की गई है। अगर मई या जून महीने में जंगल या उसके आसपास कोई भी व्यक्ति आग लगाता हुआ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।