HNN/शिमला
राजधानी शिमला में एलडी विशेष न्यायाधीश (वन), शिमला जसवंत सिंह की अदालत ने चरस तस्करी मामले में दोषी को पांच साल के कठोर कारावास सहित 1 लाख रुपए जुर्माना की सज़ा सुनाई है। यदि आरोपी किसी सूरत में जुर्माना अदा नहीं करता तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी की पहचान विकास (30) पुत्र स्वर्गीय राम किशोरी लाल शर्मा निवासी गांव घरोट डाकघर धराड़ा तहसील रोहड़ू जिला शिमला के रूप में हुई है।
बता दें मामला 4 दिसम्बर 2020 का है। जब पुलिस की एक टीम फल मंडी भट्टाकुफर में गश्त पर थी। इस दौरान दोपहर करीब 2.30 बजे उन्होंने एक वाहन (एचपी 03टी-4242) को जांच के लिए रोका। वाहन की जांच करने पर चालक सीट की पिछली जेब में एक कैरी बैग मिला, जिसमें 154 ग्राम चरस बरामद हुई।
जिसके बाद उन्होंने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार किया। जिसके बाद उन्होंने आरोपी को अदालत में पेश किया। अदालत में मामले की पैरवी जिला अटॉर्नी (वन) कपिल मोहन ने की। उन्होंने बताया कि मामले में सभी गवाहों और साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और उक्त सज़ा सुनाई।

